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सर पदमपत सिंघानिया यूनिवर्सिटी ने प्रवेश 2026 के लिए इन-हाउस रोबोट AIRA लॉन्च किया

उद्योग-प्रेरित शिक्षा, कौशत विकास एवं सततता पहलों पर विशेष जोर, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रारंभ उदयपुर। सर पदमपत सिंघानिया विश्व...



उद्योग-प्रेरित शिक्षा, कौशत विकास एवं सततता पहलों पर विशेष जोर, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रारंभ

उदयपुर। सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय, उदयपुर ने अपने नवाचार, कौशल आधारित प्रशिक्षण तथा अनुसंधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दिखाते हुए प्रवेश 2026-27 के लिए इन-हाउस रोबोट AIRA लॉन्च किया है। इस प्रकार का रोबोट लॉन्च करने वाली एसपीएसयू इस संभाग की एकमात्र विश्वविद्यालय बन गई है। 

विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट वाइस चांसलर डॉ पृथ्वी यादव ने बताया कि उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के करियर को नई दिशा देना तथा उन्हें राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश प्रारंभ हो चुके हैं।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने दिन रात कड़ी मेहनत कर कम लागत में दो रोबोट विकसित किए हैं, जो एआई तकनीक की दिशा में छात्रों की बढ़ती दक्षता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि एसपीएसयू द्वारा पूर्णतः इन हाउस डिजाइन एवं निर्मित एआई संचालित प्रवेश सहायता रोबोट AIRA संभावित विद्यार्थियों को रियल टाइम में प्रवेश संबंधी जानकारी प्रदान करता है। यह स्वदेशी नवाचार, डिजिटल परिवर्तन एवं छा केंद्रित सेवाओं के प्रति विश्वविद्यालय के दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है। बताया गया कि बाजार में इसकी लागत 18 लाख के आसपास है, लेकिन एसपीएसयू के विद्यार्थियों ने मात्र एक लाख 10 हजार में दो रोबोट तैयार कर लिए हैं, हालांकि इसको अपडेट करने का काम अभी भी चल रहा है इसलिए थोडी बढ सकती है। रोबोट का मास लेवल पर प्रोडक्टशन होता है तो कीमत कम हो सकती है। 

प्रेसिडेंट वाइस चांसलर डॉ पृथ्वी यादव ने बताया कि प्लेसमेंट के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। गत वर्ष विश्वविद्यालय में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ था, जबकि वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में अब तक 70 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट हो चुका है। छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षक पैकेज प्राप्त हुए हैं, जो विश्वविद्यालय की उद्योग संरेखित अकादमिक व्यवस्था एवं सशक्त कॉर्पाेरेट सहयोग का प्रमाण है। विश्वविद्यालय एमबीए, सस्टेनेबिलिटी मैनेजमेंटद्ध एवं बीबीए, स्पोर्ट्स मैनेजमेंटद्ध जैसे भविष्य उन्मुख एवं उद्योग आधारित कार्यक्रम भी संचालित कर रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि अपने कौशल विकास प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ बनाते हुए एसपीएसयू ने बजाज ऑटो के सहयोग से कौशल एवं व्यावसायिक केंद्र विकसित किया है। इसके अंतर्गत सर्विस टेक्नीशियन एक्सीलेंस प्रोग्राम स्टेप संचालित किया जा रहा हैए जो कौशल आधारित एवं उद्योग एकीकृत कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना तथा छात्रों की तकनीकी दक्षता एवं रोजगार योग्यता में वृद्धि करना है।

रजिस्ट्रार प्रो. उदयप्रकाश आर सिंह ने बताया कि एसपीएसयू का कैंपस सतत विकास सस्टेनेबिलिटी के पथ पर निरंतर अग्रसर है। पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने हेतु विश्वविद्यालय परिसर में साइकिलों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही ई-रिक्शा एवं सीएनजी बसों का संचालन किया जा रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सके और हरित परिवहन को बढ़ावा मिले। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विश्वविद्यालय आगामी शैक्षणिक सत्र से विधि संकाय के विद्यार्थियों के लिए एलएलएम कार्यक्रम प्रारंभ करने जा रहा है।

विश्वविद्यालय द्वारा सततता की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 02 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में श्पाथ टू सस्टेनेबिलिटी, स्ट्रैटेजी एंड इम्प्लीमेंटेशन, विषय पर एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इस कॉन्क्लेव में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं भारत के जलपुरुषश् डॉ राजेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में सेवा मंदिर, विद्या भवन सोसाइटी, अंबुजा फाउंडेशन, जेके सीमेंट लिमिटेड, टेरे पॉलिसी सेंटर, स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, यूएन ग्लोबल कॉम्पेक्ट नेटवर्क इंडिया, एशिया अर्थ डे नेटवर्क तथा स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स सहित 16 प्रमुख संगठनों के सीईओ एवं संस्थापक भाग लेंगे।

एसपीएसयू कैंपस का विकास पूर्णतः सततता की अवधारणा पर आधारित है। विश्वविद्यालय द्वारा व्यापक हरित पहलें अपनाई गई हैं तथा सफलतापूर्वक ग्रीन ऑडिट भी संपन्न कराया गया है, जो पर्यावरण संवेदनशील एवं सतत कैंपस प्रथाओं के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

इस अवसर पर कैंपस डायरेक्टर कर्नल एचपी सिंह, डीन इंजीनियरिंग प्रो अमित गोयल, प्रो नवीन कुमार, डिप्टी डीन इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी डॉ आशुतोष गुप्ता एवं डॉ आनंद ए भास्कर सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस का संयोजन प्रो नवीन कुमार द्वारा किया गया।

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