Page Nav

HIDE

Classic Header

{fbt_classic_header}

breaking news

latest

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति पर मंथन

जनहित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश उदयपुर, 26 मई। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोश...


जनहित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

उदयपुर, 26 मई। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में आयोजित हुई। राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावत, जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन भी मंचासीन रहे। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए।

प्रारंभ में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विरमा राम तथा नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। बैठक में पेयजल, कृषि, ग्रामीण विकास, पशुपालन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, वन विभाग, स्थानीय निकाय, रसद, शिक्षा, सड़क, सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों से जुड़े विषयों पर बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग, आमजन को मिल रहे लाभ तथा लंबित कार्यों की जानकारी ली गई।

सांसद गण ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की पीएम फसल बीमा योजना, पीएम किसान, कृषि सिंचाई योजना, ई-नाम, जल संसाधन विभाग की देवास तृतीय एवं चतुर्थ चरण के कार्यों, अटल भूजल योजना, चिकित्सा विभाग की आयुष्मान भारत एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, ग्रामीण विकास विभाग की मनरेगा एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायतीराज विभाग की स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, महिला एवं बाल विकास विभाग की पोषण एवं आंगनबाड़ी योजनाओं सहित 100 से अधिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, उज्ज्वला योजना, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति जानी। सांसदों ने निर्देश दिए कि विकास योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुंचे तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य एवं विद्युत व्यवस्थाओं को प्राथमिकता से मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को योजनाओं के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

बैठक को संबोधित करते हुए सांसद सीपी जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनता से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं हो और विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तब ही संभव है जब अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बेहतर समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की बात कही।

उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़े कार्यों में गति लाने तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया।

जल जीवन मिशन के कामों का हो भौतिक सत्यापन

बैठक में जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति सदस्यों ने कामों के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री की अतिमहत्वाकांशी योजना का लाभ आमजन को नहीं मिल पाने की बात कही। इस पर सांसद श्री जोशी ने जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल को विशेष टीमें गठित कर कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाने का है। योजना के तहत अब तक हुए कार्यों का भौतिक सत्यापन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और दिशा समिति सदस्यों से समन्वय करते हुए किया जाए, ताकि लोगों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी जनहित का ध्येय रखते हुए जल्द से जल्द बकाया कार्य पूर्ण कराने के लिए पाबंद किया।

इन विषयों पर भी हुई चर्चा

पीएम कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत कार्यों के प्रस्ताव एवं स्वीकृति संबंधित चर्चा हुई, साथ ही देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजना की प्रगति, बागोलिया बांध फीडर के निर्माण कार्य की प्रगति की भी सांसदों द्वारा जानकारी ली गई। सांसद डॉ रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय के निर्देशानुसार पुराने जलस्रोतों तथा बावड़ियों का पुनरुद्धार कर पेयजल हेतु उन्हें उपयोग में लाया जाए।

सड़क संबंधित समीक्षा के दौरान सांसद डॉ रावत ने जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों का मुद्दा उठाया, सांसद सीपी जोशी ने विभिन्न मदों में स्वीकृत सड़कों की जानकारी लेते हुए कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। स्मार्ट सिटी के तहत हुए कार्यों पर चर्चा के दौरान सांसद डॉ रावत ने पुराने शहर में सीवरेज एवं पेयजल के कार्यों की जांच की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण को निगम प्राथमिकता दें। शहर के विभिन्न क्षेत्रों के पार्कों की स्थिति भी दयनीय हो रही है उनके सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं।

राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने भी स्मार्ट सिटी के पूर्ण हो चुके कार्यों का पुनः निरीक्षण और समीक्षा करने की बात कही, उन्होंने यूडीए में हाल ही शामिल हुई नई ग्राम पंचायतों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। इस दौरान सांसदों द्वारा एनएफएसए की प्रगति की जानकारी तथा ई-केवाईसी की स्थिति की भी जानकारी ली गई साथ ही पीएम उज्ज्वला योजना में कुल आवेदनों एवं उनके निस्तारण की स्थिति समीक्षा की गई। वहीं वहीं जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों के भावनाओं की जर्जर स्थिति की समीक्षा करते हुए सांसदों ने प्रगतिरत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई।


No comments