पूरे विश्व मे इस्काॅन निकालता रथयात्रा- श्यामानन्द गौर प्रभु उदयपुर, गंगूकुण्ड स्थित इस्काॅन मन्दिर की ओर से 16 जुलाई को आयोजित विशाल रथ या...
पूरे विश्व मे इस्काॅन निकालता रथयात्रा- श्यामानन्द गौर प्रभु
उदयपुर, गंगूकुण्ड स्थित इस्काॅन मन्दिर की ओर से 16 जुलाई को आयोजित विशाल रथ यात्रा की तैयारी जोरो से चल रही है। इसी क्रम मे मंगलवार को मन्दिर परिसर मे सभी समिति के पदाधिकारी के साथ बैठक हुई। जिसमे अब तक हुए सेवाकार्य तथा आगामी तैयारी को लेकर अन्तिम रुप दिया गया। इस्काॅन अध्यक्ष मायापुर वासी प्रभु ने बताया कि पुरी परम्परानुसार गुण्डिचा मार्जन के अन्तर्गत रथयात्रा की पूर्व सन्ध्या 15 जुलाई को कल मन्दिर के अन्दर व बाहर तथा पूरे मार्ग को वैष्णव भक्त व माताओ के हाथो पूरी साफ-सफाई धुलाई कर मार्जन किया जाएगा। मन्दिर के अन्दर बाहर रंगोली सजाने पूने इस्काॅन मन्दिर के भक्त आ रहे है। पूणे से श्यामानन्द गौर प्रभु पधार चुके है।न्यूजीलैंड निवासी राजस्थान इस्काॅन प्रमुख संभागीय सचिव पंचरत्न प्रभु जयपुर से आयेगें। रथ के आगे माताऐ बहने मांगलिक लाल केसरिया साडी-चुन्नी गोपी ड्रेस मे सिर पर कलश धारण कर आगे चलेगी। पुरुष धोती कुर्ता अथवा सफेद कुर्ता पायजामा पहन चलेगें।जबकि सभी भगवाधारी ब्रह्मचारी वैष्णव वृन्दावन के देवहरि प्रभु के संकीर्तन दल के सानिध्य मे इस्काॅन शैली मे पूरे मार्ग मे मृदंग मंजीरे करताल बजाते,नाचते कूदते गाते हरिनाम संकीर्तन करते चलेगें। माताऐं इस्काॅन परम्परानुसार कीर्तन के साथ नृत्य करती चलेगी।जो आकर्षण का केंद्र होगा। मिडिया प्रभारी डाॅ.बालकृष्ण ने बताया कि सोमवार को सायंकाल रथयात्रा कथा के अन्तर्गत पूने के श्यामानन्द गौर प्रभु ने प्रवचन मे पुरी जगन्नाथ मन्दिर स्थापना की विशेषता की संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि 1965 मे इस्कॉन संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद ने सर्वप्रथम अमेरिका मे जगन्नाथ रथयात्रा निकाली, जिसे आज पूरा विश्व रथयात्रा के रुप मे मना रहा है।

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