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नववर्ष पर भक्ति संगीत की छटा बिखेरेगा ‘संगीतमय सुंदरकांड पाठ’

उदयपुर। सुरों की मंडली और जय हनुमान रामचरितमानस प्रचार समिति ट्रस्ट, उदयपुर मेवाड़ की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नववर्ष के उपलक्ष्य म...


उदयपुर। सुरों की मंडली और जय हनुमान रामचरितमानस प्रचार समिति ट्रस्ट, उदयपुर मेवाड़ की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नववर्ष के उपलक्ष्य में संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 1 जनवरी 2026, शाम 6 बजे अशोका पैलेस के मधुश्री बैंक्वेट हॉल में होगा।  

कार्यक्रम संयोजक पंडित सत्यनारायण चौबीसा ने बताया कि यह आयोजन प्रत्येक वर्ष नववर्ष की शुरुआत प्रभु श्रीराम और हनुमानजी की आराधना के साथ करने का एक पवित्र प्रयास है। इस बार भी बजरंगबली से प्रार्थना की जाएगी कि आने वाला वर्ष सभी प्राणियों के लिए सुखमय और मंगलकारी रहे।  

सुरों की मंडली के संस्थापक मुकेश माधवानी ने कहा कि इस वर्ष का कार्यक्रम और भी भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसमें शहर के अनेक संगीत प्रेमी और भक्तजन बड़ी संख्या में सहभागी बनेंगे। उन्होंने बताया कि सुंदरकांड पाठ के माध्यम से "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना को जन-जन तक पहुँचाने और विश्व कल्याण की मंगल कामना करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।  

इस आयोजन में भक्तिरस, संगीत और समूह गायन का अद्भुत समन्वय देखने को मिलेगा। आयोजक मंडली ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर उपस्थित होकर इस भक्ति कार्यक्रम का लाभ लेने की अपील की है।

उदयपुर। सुरों की मंडली और जय हनुमान रामचरितमानस प्रचार समिति ट्रस्ट, उदयपुर मेवाड़ की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नववर्ष के उपलक्ष्य में संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 1 जनवरी 2026, शाम 6 बजे अशोका पैलेस के मधुश्री बैंक्वेट हॉल में होगा।  

कार्यक्रम संयोजक पंडित सत्यनारायण चौबीसा ने बताया कि यह आयोजन प्रत्येक वर्ष नववर्ष की शुरुआत प्रभु श्रीराम और हनुमानजी की आराधना के साथ करने का एक पवित्र प्रयास है। इस बार भी बजरंगबली से प्रार्थना की जाएगी कि आने वाला वर्ष सभी प्राणियों के लिए सुखमय और मंगलकारी रहे।  

सुरों की मंडली के संस्थापक मुकेश माधवानी ने कहा कि इस वर्ष का कार्यक्रम और भी भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसमें शहर के अनेक संगीत प्रेमी और भक्तजन बड़ी संख्या में सहभागी बनेंगे। उन्होंने बताया कि सुंदरकांड पाठ के माध्यम से "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना को जन-जन तक पहुँचाने और विश्व कल्याण की मंगल कामना करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।  

इस आयोजन में भक्तिरस, संगीत और समूह गायन का अद्भुत समन्वय देखने को मिलेगा। आयोजक मंडली ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर उपस्थित होकर इस भक्ति कार्यक्रम का लाभ लेने की अपील की है।

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