उदयपुर। भारत सरकार के प्रकाशन विभाग (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) द्वारा 2022 में पुनर्मुद्रित पुस्तक भारत के नारी रत्न में पन्ना धाय की जीवन...
उदयपुर। भारत सरकार के प्रकाशन विभाग (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) द्वारा 2022 में पुनर्मुद्रित पुस्तक भारत के नारी रत्न में पन्ना धाय की जीवनी और उनकी मूल ऐतिहासिक पहचान को लेकर किए गए बदलाव पर गुर्जर समाज उदयपुर के सभी चौखलों के प्रतिनिधियों द्वारा गहरा रोष व्यक्त किया गया है। आज इस संबंध में कलेक्टर उदयपुर को ज्ञापन सौंपते हुए तथ्यात्मक त्रुटियों को तत्काल दूर करने की मांग की गई तथा समर्थन में पुख्ता ऐतिहासिक प्रमाण व साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
प्रमुख आपत्तियां एवं बिंदु
केंद्रीय प्रकाशन की पुस्तक पर आपत्ति: केंद्र सरकार के प्रकाशन विभाग द्वारा 2022 (आठवां पुनर्मुद्रण) में प्रकाशित पुस्तक भारत के नारी रत्न के पृष्ठ संख्या 8 पर पन्ना धाय की जीवनी दी गई है, जिसमें उनकी मूल ऐतिहासिक पहचान व जाति (गुर्जर) को बदलकर खीची राजपूत वंश की क्षत्राणी दर्शाया गया है, जो ऐतिहासिक तथ्यों के पूर्णतः विपरीत और भ्रामक है। ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ व साक्ष्यों की अवहेलना की गई है। केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तक में इस प्रकार तथ्यों को बदलना न केवल पन्ना धाय के महान बलिदान का अपमान है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों के सामने गलत इतिहास परोसने का गंभीर कृत्य है, जो राजस्थान सरकार व प्रामाणिक इतिहासकारों द्वारा स्वीकृत इतिहास के विपरीत जाता है।
प्रस्तुत किए गए अकाट्य प्रमाण एवं साक्ष्य
लेट श्री उदय लाल धाभाई द्वारा प्रामाणिक रूप से रचित एवं प्रमाणित ऐतिहासिक पुस्तकें।
पन्ना धाय पैनोरमा, कमेरी, राजसमंद।
पन्ना धाय पैनोरमा, पाण्डोली, चित्तौड़गढ़।
पन्ना धाय दीर्घा, गोवर्धन विलास, उदयपुर।
पन्ना धाय पार्क एवं मूर्ति, गोवर्धन विलास, उदयपुर।
उपर्युक्त सभी स्थान राजस्थान सरकार द्वारा प्रमाणित इतिहास के जीवंत प्रतीक हैं, जहां पन्ना धाय का वास्तविक इतिहास अंकित है।
हमारी मांग
उक्त किताब को तुरंत ही अमेजन इत्यादि प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।
उपस्थित प्रतिनिधिगण एवं कार्यकारिणी
आज के इस प्रतिनिधिमंडल में गुर्जर समाज उदयपुर के समस्त चौखलों के प्रतिनिधि एवं गणमान्य प्रबुद्धजन शामिल रहे।
अध्यक्ष नारायणलाल गोरेला, उपाध्यक्ष भगवानलाल खावाकुई, हरीश धायभाई (उदयपुर शहर) महामंत्री रमेशचन्द्र, सह सचिव / मंत्री भगवान सहाय, बलीचा, कोषाध्यक्ष रामचंद्र, संरक्षक मंडल देवनाराण धायभाई, रामचंद्र धायभाई श्रीमती कामिनी गुर्जर आदि उपस्थित रहे।

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