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श्री राम सत्संग मंडल धरियावद ने मनाया 14वां स्थापना दिवस, 1355 निशुल्क सुंदरकांड पाठ का बनाया रिकॉर्ड

- पाटनपुर में टोरेश्वर महादेव-महाकाली मंदिर परिसर में हुआ भव्य आयोजन - भजन-कीर्तन, अखंड सुंदरकांड पाठ एवं महाआरती से गूंजा रामनाम उदयपुर, 3 ...


- पाटनपुर में टोरेश्वर महादेव-महाकाली मंदिर परिसर में हुआ भव्य आयोजन

- भजन-कीर्तन, अखंड सुंदरकांड पाठ एवं महाआरती से गूंजा रामनाम

उदयपुर, 3 सितम्बर। श्री राम सत्संग मंडल धरियावद का 14वां स्थापना दिवस समारोह बुधवार को डूंगरपुर जिले के पाटनपुर स्थित प्रसिद्ध टोरेश्वर महादेव एवं महाकाली मंदिर परिसर तथा पवित्र माहीसागर तट पर श्रद्धा, उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। मनोरम प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित समारोह में मंडल के पदाधिकारियों, सदस्यों, अतिथियों सहित बड़ी संख्या में रामभक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सत्संग मंडल के प्रकाश शर्मा बम्बोरा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजन स्थल पर पहुंचने के बाद अल्पाहार से हुआ। इसके पश्चात चेतन प्रसाद शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह के मुख्य अतिथि इंदर सिंह चुंडावत एवं विशिष्ट अतिथि रमेश शर्मा रहे। मंडल की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

- 14 वर्षों में 1355 निशुल्क सुंदरकांड पाठ

प्रकाश शर्मा बम्बोरा ने बताया कि समारोह में मंडल की 14 वर्षों की धार्मिक एवं सामाजिक यात्रा पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि मंडल का प्रमुख उद्देश्य प्रभु श्रीराम के नाम एवं सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना तथा सुंदरकांड पाठ, सत्संग, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में भक्ति, संस्कार, सेवा एवं सद्भाव की भावना को बढ़ावा देना है। मंडल की ओर से पिछले 14 वर्षों में विभिन्न स्थानों पर नियमित रूप से 1355 निशुल्क सुंदरकांड पाठ आयोजित किए जा चुके हैं। वक्ताओं ने कहा कि यह भक्ति यात्रा सामूहिक सहयोग, सेवा और समर्पण का परिणाम है तथा भविष्य में भी यह भक्ति धारा निस्वार्थ एवं निरंतर जारी रहेगी। स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल की वार्षिक बैठक भी आयोजित हुई। इसमें गत वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य कोषाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण सुथार ने वर्षभर के कार्यों का लेखा-जोखा एवं आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। सदस्यों ने मंडल की आगामी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। समारोह के दौरान मंडल की गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सेवाभावी सदस्यों एवं सहयोगियों का सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में मांगीलाल सोनी, लक्ष्मी नारायण सुथार (अरनोद), प्रकाश सोनी, याशिका शर्मा, माधव लाल सुथार एवं रामचंद्र सेन शामिल रहे।

- सुंदरकांड पाठ और महाआरती बनी आकर्षण का केंद्र

समारोह का मुख्य आकर्षण अखंड संगीतमय सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन एवं महाआरती रही। आयोजन स्थल पर श्रीराम नाम और हनुमानजी के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। भजनों एवं कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन नजर आए। सुंदरकांड पाठ की पूर्णाहुति एवं महाआरती के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं सर्वकल्याण की कामना की। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी मंच संचालन पूर्व अध्यक्ष प्रकाश शर्मा एवं ललित आमेटा ने किया। दोनों संचालकों ने कार्यक्रम के प्रत्येक चरण को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को आयोजन से जोड़े रखा। विशेष सहयोग के लिए गजेंद्र सोलंकी, हेमेंद्र सिंह, नारायण लाल गाछा एवं चुन्नीलाल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के अंत में मंडल की ओर से प्रकाश शर्मा ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, कार्यकर्ताओं, अतिथियों एवं रामभक्तों का आभार जताया।

समारोह में मुकेश व्यास, महेंद्र कुमार, भेरूलाल चौधरी, जगदीश सेन, गोपाल सेन, गजानंद कुंवाल, कपिल सोनी, राहुल खत्री, भंवर सिंह, वीर सिंह, अंकित सुथार, कल्याणमल पालीवाल, शिव सिंह, दिनेश मीणा, नरेश शर्मा, ओनिश शर्मा, रानू आमेटा, भवनीत व्यास, राधेश्याम किर, थानेश्वर कोटेड, जग्गू सेन, जयेश शर्मा, कमलेश सुथार, जसवंत टेलर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं नन्हे-मुन्ने बच्चे मौजूद रहे।


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