सुभाषितों के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास आवश्यक — आशा पाण्डेय ओझा उदयपुर। त्रिसुगंधि साहित्य, कला एवं सं...
सुभाषितों के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास आवश्यक — आशा पाण्डेय ओझा
उदयपुर। त्रिसुगंधि साहित्य, कला एवं संस्कृति संस्थान द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली सुभाषित पाठ प्रतियोगिता श्रृंखला का शुभारंभ मंगलवार को मॉडर्न कॉम्प्लेक्स स्थित जयदीप सीनियर सेकंडरी विद्यालय में विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जयदीप शिक्षण संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. देवेंद्र कुमावत ने की।
प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सत्य, मधुर वाणी, नैतिक मूल्य, व्यक्तित्व निर्माण एवं मानव धर्म जैसे विषयों पर आधारित संस्कृत सुभाषितों का देववाणी संस्कृत में भावपूर्ण पाठ किया तथा उनके हिंदी भावार्थ भी प्रस्तुत किए। संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष आशा पाण्डेय ओझा ‘आशा’ ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में सुभाषितों के संदेशों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को नित नए सुभाषितों को जानने, समझने और उनके संदेशों को व्यावहारिक जीवन में उतारने के लिए प्रेरित करती हैं। प्रतियोगिता के निर्णायक संस्थान के महामंत्री संजय गुप्ता ‘देवेश’, संयुक्त मंत्री सुनीता निमिष सिंह एवं कोषाध्यक्ष डॉ. मनीष सक्सेना रहे। प्रतियोगिता में हर्षिता कुमावत ने प्रथम, आराध्या राजावत ने द्वितीय तथा नियति सुथार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं उपर्णा प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय प्रशासक प्रतिभा कुमावत ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। अंत में त्रिसुगंधि साहित्य, कला एवं संस्कृति संस्थान के उपाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। संचालन लता कुमावत ने किया।

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