गौ सेवा सम्मान समारोह में डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने दिया सेवा और संस्कारों का संदेश उदयपुर 16 अक्टूबर-शिव शंकर गौशाला, उदयपुर में गौ सेवा सम्...
गौ सेवा सम्मान समारोह में डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने दिया सेवा और संस्कारों का संदेश
उदयपुर 16 अक्टूबर-शिव शंकर गौशाला, उदयपुर में गौ सेवा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में गौ सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गौमाता की सेवा, संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया गया।
गौशाला के मीडिया प्रभारी नरेश पूर्बिया ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरजा कुमारी चौहान ने की। वैदिक पुरोहित डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने शांति यज्ञ करवाकर विश्व शांति की कामना की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा आपदा राहत विभाग, राजस्थान के प्रदेश संयोजक एवं राजस्थान गौरव डॉ. जिनेंद्र शास्त्री थे।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. शैलेंद्र सिंह, गोपेश शर्मा, मनीष शर्मा, नरेश पूर्बिया, दिनेश माली, गोपाल कनेरिया, रविकांत त्रिपाठी, डॉ. नारायण सिंह चावड़ा, मोहन सिंह शक्तावत एवं बगदी राम शर्मा शामिल थे। सभी अतिथियों का शब्दों के माध्यम से स्वागत गौशाला की सचिव शालिनी राजावत ने किया।
समारोह में सभी अतिथियों ने शिव शंकर गौशाला के संस्थापक स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह चौहान के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा गौ सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
मुख्य अतिथि डॉ. शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि गौ सेवा एक श्रेष्ठ कार्य है और इसका फल मनुष्य को जीवन में अवश्य मिलता है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा करने वालों को मृत्यु के पश्चात भी गौ लोक में स्थान प्राप्त होता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि गौशाला में अपना जन्मदिन एवं अन्य शुभकार्य गौमाता के सान्निध्य में मनाएं, गौमाता को गुड़ की लापसी खिलाएं तथा बच्चे व युवा पीढ़ी को भी गौ सेवा के संस्कार सिखाएं और उन्हें अपने साथ गौशाला लेकर आएं।
उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में सेवा, करुणा और संवेदनशीलता की भावना विकसित करने का माध्यम भी है।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि गौशाला में निर्मित उत्पादों का दैनिक जीवन में अधिकाधिक उपयोग किया जाए, तो गौशालाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सक्षम बन सकती हैं। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सहयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर सचिव शालिनी राजावत एवं मीत राजावत ने गौ भक्तों को उपरणा ओढ़ाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में डॉ. रेणु पालीवाल, सुनीता शर्मा, मधुबाला पूर्बिया, माही राजावत, चित्रा, सोनी सहित बड़ी संख्या में गौ भक्त उपस्थित थे।
समारोह के दौरान गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए सभी ने सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने किया।

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