Page Nav

HIDE

Classic Header

{fbt_classic_header}

breaking news

latest

शक्तिनगर से ट्रैक्टर और ऊंट गाड़ियों पर सवार होकर गांधी ग्राउंड पहुंचे रावण परिवार के पुतले

उदयपुर में विजयादशमी महोत्सव की तैयारियां जोरों पर ​उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में 20 अक्टूबर को मनाए जाने वाले 78वें भव्य विजयादशमी महोत्...


उदयपुर में विजयादशमी महोत्सव की तैयारियां जोरों पर

​उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में 20 अक्टूबर को मनाए जाने वाले 78वें भव्य विजयादशमी महोत्सव को लेकर उत्साह चरम पर है। महोत्सव के मुख्य आयोजन से पहले आज 17 अक्टूबर को शहर में उत्सव का माहौल दिखाई दिया। श्री सनातन धर्म सेवा समिति और श्री बिलोचिस्तान पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में आज सुबह से ही कार्यकर्ताओं ने आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

​पुतलों की रवानगी से पूर्व शक्तिनगर स्थित श्री बिलोचिस्तान भवन में धार्मिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न किया गया। समाज के वरिष्ठ सदस्य  मोहन तलरेजा , प्रकाश बुधराज ,मनोज कटारिया एवं अन्य वरिष्ठजनों द्वारा रावण परिवार के पुतलों और लंका के ढांचों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात पूर्ण भक्तिभाव और परंपरा के अनुसार पुतलों को ऊंट गाड़ियों और ट्रैक्टरों में  रखवाया गया।

​शनिवार सुबह पूजन के बाद शक्तिनगर स्थित श्री बिलोचिस्तान भवन  से रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के विशालकाय पुतलों तथा लंका के ढांचों को रवाना करने का सिलसिला शुरू हुआ। परंपरा और भव्यता का ध्यान रखते हुए इन सभी पुतलों को ट्रैक्टरों, डबल ऊंट गाड़ियों और विशेष वाहनों के जरिए सजे अंदाज में चेतक स्थित गांधी ग्राउंड  पहुँचाया गया।

​इस दौरान सुबह से ही पंचायत रमेश तलदार, महासचिव विजय आहुजा, हेमंत गखरेजा, होलाराम छोड़ा, विजय कस्तूरी ,जय पुनीत सपरा , अमित खथूरिया, नानक लुंज, मनोज बुलानी, मनीष डेम्बला, रमेश काटेजा, नीरज मथरेजा, हनी तलरेजा, प्रकाश  नारंग आदि सेवाभावी कार्यकर्ता पूरी तन्मयता से व्यवस्थाओं में जुटे रहे। पारंपरिक उल्लास के बीच जब रावण परिवार के पुतले और 100 फीट लंबी सोने की लंका के हिस्से शक्तिनगर से गांधी ग्राउंड की ओर रवाना हुए, तो मार्ग में शहरवासियों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र बन गए। कई लोगों ने इस अनोखे नज़ारे को अपने कैमरों में कैद किया।

​गांधी ग्राउंड पहुँचने पर इन पुतलों को सुरक्षित तरीके से स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। समिति के हेमंत गखरेजा ने बताया कि अब 20 अक्टूबर मंगलवार को होने वाले मुख्य समारोह में इन पुतलों का दहन किया जाएगा, जिसे देखने के लिए पूरा शहर उत्सुक है।

No comments