उदयपुर। शहर के सबसे व्यस्त एवं प्रमुख शोभागपुरा चौराहे के विकास कार्यों एवं नामांकण को लेकर स्थानीय राजनीति गर्मा गई है। उदयपुर शहर विधायक त...
उदयपुर। शहर के सबसे व्यस्त एवं प्रमुख शोभागपुरा चौराहे के विकास कार्यों एवं नामांकण को लेकर स्थानीय राजनीति गर्मा गई है। उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन की अनुपस्थिति और बिना जानकारी के 18 अक्टूबर को महापौर पारस सिंघवी, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और उदयपुर शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ द्वारा चौराहे का आनन-फानन में उद्घाटन कर दिए जाने से विवाद गहरा गया है। इस संबंध में शहर विधायक ताराचंद जैन ने सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विस्तृत पत्र भेजकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है तथा इस पूरे मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन पिछले 2 साल से शोभागपुरा चौराहे के विकास और उसको खूबसूरत बनाने में लगे हुए थे। वह लगातार यूडीए के अधिकारियों के साथ मौके पर कई बार गए और मौका निरीक्षण भी किया था बाद में इस चौराहे को विकसित करने के लिए आर्किटेक्ट एसोसिएशन को दिया था उन्होंने यहां पर एक खूबसूरत आर्किटेक्ट टावर भी बनाया रविवार को महापौर पारस सिंघवी, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, शहर भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने इस चौराहे काउद्घाटन कर दिया, जिसमें ना तो उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन को बुलाया गया और ना ही यूडीए के अधिकारियों को बुलाया गया। इसी को लेकर उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई है। विधायक जैन ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि 18 अक्टूबर को उनकी गैर-मौजूदगी में महापौर, ग्रामीण विधायक और अन्य लोगों ने बिना किसी पूर्व सूचना के चौराहे का उद्घाटन कर दिया। सबसे विचारणीय और गंभीर बात यह है कि इस कार्यक्रम में न तो उदयपुर विकास प्राधिकरण के कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे और न ही अपनी ही पार्टी का संगठन और कार्यकर्ता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस संबंध में उदयपुर विकास प्राधिकरण से उद्घाटन की कोई आधिकारिक स्वीकृति ली गई थी। यदि स्वीकृति नहीं ली गई थी, तो नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ तुरंत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
99 प्रतिशत हिस्सा शहर विधानसभा में, फिर भी अनदेखी
पत्र में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने लिखा कि उद्घाटन के दौरान यह फैलाया गया कि यह चौराहा शहर विधानसभा क्षेत्र में नहीं आता है। इस भ्रम को खारिज करते हुए विधायक जैन ने पत्र में स्पष्ट आंकड़े रखते हुए कहा कि यह चौराहा 99 प्रतिशत शहरी क्षेत्र में आता है, जबकि केवल 3 फुट 3 नाली का आंशिक हिस्सा ही पूर्व में ग्रामीण विधानसभा के भुवाणा क्षेत्र में आता है। ऐसे में शहर विधायक को पूरी तरह दरकिनार कर इस प्रकार का आयोजन करना प्रशासनिक मर्यादाओं और राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है।
चौराहे के अधूरे विकास कार्य और पत्थरों को बदलने के निर्देश
चौराहे की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए विधायक जैन ने बताया कि उदयपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से उनके क्षेत्र में 50 से 60 चौराहे व्यवस्थित करने का कार्य चल रहा है, जिसका लक्ष्य 31 मार्च तक पूर्ण होना है। शोभागपुरा चौराहे का कार्य अभी भी अधूरा है। महज एक सप्ताह पहले ही निरीक्षण के दौरान उन्होंने हल्के पत्थरों को हटाने के निर्देश प्राधिकरण के अधिकारियों को दिए थे, जिसका काम वर्तमान में भी जारी है। कार्य पूरा हुए बिना ही आनन-फानन में लोकार्पण कर देना जनता के साथ छलावा है।
नामांकण और आदमकद प्रतिमा को लेकर रखे प्रमुख प्रस्ताव
चौराहे के नामांकण के इतिहास का उल्लेख करते हुए विधायक ने बताया कि 11 दिसंबर 2017 को नगर निगम कमेटी द्वारा इसे गोलवलकर चौराहा नामांकित करने का प्रस्ताव पास हुआ था, जबकि 5 जून 2018 को अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान की मांग पर UDA द्वारा ठाकुर अमरचंद बड़वा के नाम का निर्णय लिया गया था। वर्तमान में संघ शताब्दी वर्ष महोत्सव को ध्यान में रखते हुए ताराचंद जैन ने प्रस्ताव रखा है कि इस भव्य चौराहे का नाम डॉक्टर हेडगेवार, गोलवलकर, भारत माता चौराहा, प्रधानमंत्री ठाकुर अमरचंद बड़वा में से किसी एक के नाम पर किया जाए।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हो सही उद्घाटन
विधायक ताराचंद जैन ने मुख्यमंत्री को लिखा कि इस चौराहे की पूरी निर्माण राशि उदयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा या फिर उनके विधायक मद से स्वीकृत की जाए। जब चौराहे के सभी विकास कार्य पूर्ण हो जाएं, तब चयनित महापुरुष की भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित कर पार्टी और सरकार के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में इसका अधिकृत एवं भव्य उद्घाटन कराया जाए।

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