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विधानसभा में फिर गूंजा 272 भूखण्ड घोटाले का मुद्दा

शहर विधायक ने कहा मंत्री के आश्वासन के 15 माह बीतने के बाद भी एक भी अधिकारी और कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं - ताराचंद जैन  पहाडिय़ों के संरक्षण...

शहर विधायक ने कहा मंत्री के आश्वासन के 15 माह बीतने के बाद भी एक भी अधिकारी और कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं - ताराचंद जैन 

पहाडिय़ों के संरक्षण के लिए बने कठोर कानून, पहाडिय़ां आए नॉन कंस्ट्रक्शन जोन में 

उदयपुर। उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में एक बार फिर से नगर निगम के 272 प्लॉटों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब तक इसमें एक भी सरकारी अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। मामले में अब तक केवल कुछ मोहरों को ही एसओजी ने गिरफ्तार किया है, जबकि उच्च न्यायालय ने भी इस मामले को 45 दिनों में निपटाने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही शहर विधायक जैन ने उदयपुर में बढ़ते पर्यटकों को देखते हुए उदयपुर शहर के आस-पास की पहाडिय़ों को नो कंस्ट्रक्शन करने का सुझाव भी दिया है। 

उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में बुधवार को कहा कि उन्होंने 2 अगस्त 2024 को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत उदयपुर विकास न्याय (वर्तमान उदयपुर विकास प्राधिकरण) द्वारा नगर निगम को हस्तांतरित किए गए भूखण्डों में से 272 भूखण्डों के घोटाले का मामला उठाया था। इस मामले को पूर्व की सरकार में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी उठाया था। उस समय बनी कमेटी में 41 ऐसे भूखण्ड चिन्हित किए थे, जो सरकारी थे। भाजपा सरकार में एसओजी ने जांच कर 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस समय मंत्री झाबर सिह खर्रा ने घोषणा की थी कि 31 दिसम्बर 2024 तक इस पूरे प्रकरण की जांच कर सभी दोषियों को जेल भेजेंगे, लेकिन आज इस बात को 15 माह फिर से गुजर गए लेकिन कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई है। केवल जिन लोगों ने भूखण्ड अपने नाम पर करवाए थे, वे जेल तक पहुँचे, लेकिन इस घोटाले में शामिल एक भी अधिकारी या कर्मचारी जो इन भूखण्डो को हड़पने की योजना बनाने में शामिल थे उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई। इसके विपरित इसमें लिप्त अधिकारी प्रमोशन लेकर उंच पद पर विराजमान हो गए। शहर विधायक ताराचंंद जैन ने सरकार से मांग की है कि सरकार इस भूखण्ड के घोटाले का कितने दिनों में निस्तारण करेगी, इस बारे में उदयपुर की जनता को जरूर बतावें। विधायक जैन ने कहा कि अभी कुछ समय पूर्व भी राजस्थान उच्च न्यायालय ने मामले में हो रही देरी पर नाराजगी पर 45 दिन में इस प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए है। साथ ही विधायक जैन ने कहा कि यूडीए और नगर निगम दोनों विभागों में जो भी खाली भूखण्ड है उनका एक रजिस्टर बनाया जाए कि कितने भूखण्ड ट्रांसफर में गायब हो गए है। 

शहर के आस-पास की पहाडिय़ों पर नो कंस्ट्रक्शन जोन बने

इसके साथ ही उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि उदयपुर शहर विश्व के मात्र एक ऐसा शहर है, जिसके चारों तरफ झीलें और पहाडिय़ा है। पिछली बार के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में 43 पहाडिय़ों को चिन्हित किया था, जिसमें से 15 पहाडिय़ों को खुर्द-बुर्द किया था। इस पर छुटपुट कार्यवाही की गई। शहर विधायक जैन ने कहा कि सरकार पहाडिय़ों के संरक्षण के लिए कठोर कानून बनावे और इन पहाडिय़ों को नॉन कंस्ट्रक्शन जोन घोषित करे ताकी ये पहाडिय़ां हरियाली से आच्छादित रहे। साथ ही कहा कि अरावली की पहाडिय़ों के संरक्षण के लिए कठोर से कठोर कानून बनाए। 

शहर जाम मुक्त रहे, इसका मास्टर प्लान बने

उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि उदयपुर शहर आबादी के मुकाबले घनत्व में कम है और ऐसे में कोई ना कोई मास्टर प्लॉन ऐसा बनाया जाए ताकी जाम ना लगे। विधायक जैन ने कहा कि 31 दिसम्बर को 2.50 लाख से अधिक पर्यटक उदयपुर में थे और जाम की स्थिति बन जाती है। विधायक ने कहा कि कई चौराहों का दो वर्ष विस्तारीकरण किया है, लेकिन किसी बड़े आयोजन में या बड़ी परीक्षाओं के समय जाम लग जाता है, जिससे लोगों के साथ-साथ देशी-विदेशी पर्यटक भी परेशान होते है। इसी को देखते हुए शहर विधायक ताराचंद जैन ने शहर जाम मुक्त हो इसके लिए एक मास्टर प्लान बनाने की मांग विधानसभा में रखी।

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