वरिष्ठजनों का सम्मान, नवजात शिशुओं का ढूंढोत्सव और प्रतियोगिताओं ने बढ़ाया उत्साह उदयपुर। श्रृंग ऋषि सेवा संस्थान, अम्बामाता परिसर में आमेटा...
वरिष्ठजनों का सम्मान, नवजात शिशुओं का ढूंढोत्सव और प्रतियोगिताओं ने बढ़ाया उत्साह
उदयपुर। श्रृंग ऋषि सेवा संस्थान, अम्बामाता परिसर में आमेटा समाज द्वारा आयोजित होली स्नेह मिलन एवं पारंपरिक ढूंढोत्सव समारोह अत्यंत उत्साह, उल्लास और पारिवारिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, महिलाएँ, युवा एवं बच्चों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरे आयोजन में समाज की एकता, पारिवारिक आत्मीयता और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ. सुरेन्द्र आमेटा (सेमारी), विशिष्ट अतिथि राजेश आमेटा, गिरीश आमेटा तथा संरक्षक चन्द्रकान्त आमेटा द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष रवि आमेटा ने की। उन्होंने अतिथियों का स्वागत परिचय करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं समाज की गतिविधियों से सभी को अवगत कराया।
वरिष्ठजनों का सम्मान
समारोह में समाज के 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों का विशेष सम्मान किया गया। उन्हें माला, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर समाज की ओर से सम्मानित किया गया। सम्मानित वरिष्ठजनों मे कस्तूरी बाई (107 वर्ष), शिव स्वरूप व्यास (87 वर्ष), कमलादेवी भट्ट (86), तुलसीराम आमेटा (केलवाड़ा, 86 वर्ष), शांता देवी एवं यशोदा देवी(86) शामिल रहे।
विशिष्ट उपलब्धि सम्मान
समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मानित प्रतिभाओं में —
-डॉ. रक्षित आमेटा– प्रेरक व परामर्शदाता के रूप में उल्लेखनीय योगदान
-काव्य आमेटा – भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर
-देव आमेटा – थाईलैंड में साइबर सुरक्षा क्षेत्र में Emerging Star Award
-यशोवर्धना व्यास – राष्ट्रीय स्तर पर जूडो ब्लैक बेल्ट
-रैना आमेटा – राज्य स्तरीय खेल उपलब्धि
पारंपरिक ढूंढोत्सव बना आकर्षण
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण समाज के नवजात शिशुओं का पारंपरिक ढूंढोत्सव रहा। इस अवसर पर चित्रांशी, महर्थ, जीनल व्यास, नित्यांशी, अमित, आदित्य आमेटा, परीक्षा एवं सार्थक का ढूंढोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। महिलाओं ने मंगलगीत गाकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही रूद्राक्षी–देवन आमेटा तथा हिमांशी–रोहित आमेटा के नव वैवाहिक जीवन के लिए भी समाज की ओर से मंगलकामनाएँ व्यक्त की गईं।
प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न आयु वर्गों के लिए मनोरंजक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कुर्सी रेस
60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग – माधवी व सत्यकांत प्रथम, संध्या व उत्तमप्रकाश द्वितीय, गायत्री व नवीन तृतीय
20–40 वर्ष आयु वर्ग – पल्लवी व हेमन्त प्रथम, गरिमा व वन्दीप द्वितीय, अरुणा व नरेश तृतीय
14 वर्ष तक आयु वर्ग – साक्षी व हेमन्त प्रथम, मृत्युंजय व तुषार द्वितीय, युवान व निरंजन तृतीय रहे।
चम्मच रेस
14 वर्ष आयु वर्ग में रैना, दिव्येंदु, चंद्रकला कश्यप आदि विजेता रहे।
जलेबी रेस
14 वर्ष के बालक-बालिका वर्ग में वोश्रिता–भुवन प्रथम, सांझी–हेमंत द्वितीय, युवान–निरंजन एवं एकार्थ–हितेश तृतीय रहे।
सभी विजेताओं को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक विवाह गीत, जाजी-ननद गीत और होली गीत ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. सुरेन्द्र आमेटा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “ऐसे सामाजिक आयोजन समाज की एकता को मजबूत करने के साथ-साथ हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। होली जैसे उत्सव आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को बढ़ाने का संदेश देते हैं।” इस अवसर पर उपाध्यक्ष नवीन व्यास ने भी समाज की उन्नति की दिशा में अपने विचार रखें। कार्यक्रम में समाज का वार्षिक आय-व्यय विवरण कोषाध्यक्ष नारायण त्रिवेदी द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन संदीप आमेटा ने किया तथा अंत में सचिव राकेश आमेटा ने सभी अतिथियों, समाजबंधुओं और आयोजन में सहयोग देने वाले कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।


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