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हिंदुस्तान जिंक ने सिल्वर रिकवरी पर एडवांस्ड रिसर्च के लिए वर्जीनिया टेक के साथ किया एमओयू

कंपनी का यूएस स्थित ,  मनोनित आर 1   इंस्टीट्यूशन ,  वर्जीनिया टेक के साथ सहयोग साइंटिफिक रिसर्च और ग्लोबल एकेडमिक पार्टनरशिप के जरिए मेटलर्...


कंपनी का यूएस स्थितमनोनित आर1 इंस्टीट्यूशनवर्जीनिया टेक के साथ सहयोग

साइंटिफिक रिसर्च और ग्लोबल एकेडमिक पार्टनरशिप के जरिए मेटलर्जिकल कैपेबिलिटी को मजबूत करना उद्धेश्य

 उदयपुरमार्च 2026। विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक एवं टॉप पाँच सिल्वर उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने वर्जीनिया टेक के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए है जिसके तहत्  स्पेशल प्रोसेसिंग प्लांट जहाँ माइन किए गए ओर को फ्लोटेशन के जरिए ट्रीट कर लेडजिंक और सिल्वर जैसे कीमती मेटल को अलग और कंसंट्रेट किया जाता हैलेड-जिंक कंसंट्रेटर में सिल्वर रिकवरी को बेहतर बनाने पर फोकस्ड रिसर्च को आगे बढ़ाया जा सके। इसके हिस्से के तौर परप्रोसेसिंग के दौरान मेटल को अलग और कंसंट्रेट करने में मदद करने के लिए मिलाए जाने वाले स्पेशल केमिकलफ्लोटेशन मेथड को बेहतर बनाने और रिएजेंट के इस्तेमाल को ऑप्टिमाइज करने के लिए फोकस्ड साइंटिफिक अध्ययन किया जाएगाजिससे बेहतर कंसंट्रेट क्वालिटी और अधिक एफिशिएंट प्लांट ऑपरेशन में सहायता मिलेगी। वर्जीनिया टेकब्लैक्सबर्गवर्जीनिया में मौजूद एक जानी-मानी पब्लिक लैंड-ग्रांट रिसर्च यूनिवर्सिटी है। यह माइनिंग इंजीनियरिंगमिनरल प्रोसेसिंग और एप्लाइड मेटलर्जिकल रिसर्च में अपनी एक्सपर्टीज के लिए जानी जाती है। इस पार्टनरशिप के जरिएहिन्दुस्तान जिं़क ग्लोबल रिसर्च नजरिए और टेक्निकल जानकारी के उपयोग के लिए यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम करेगीजिससे प्रोसेस की बेहतर समझ और इसके कंसंट्रेटर ऑपरेशन में लगातार सुधार में मदद मिलेगी।

यह कोलेबोरेशन हिंदुस्तान जिंक के लेड जिं़क कंसंट्रेटर में सिल्वर रिकवरी को बढ़ाने के लिए एक गहरी साइंटिफिक समझ बनाने पर प्रमुख ध्यान देगाजिसमें मौजूदा प्लांट कॉन्फिगरेशन के साथ-साथ भविष्य के ओर टाइप में होने वाले बदलावों पर भी विचार किया जाएगा। यह स्टडी फ्लोटेशन सेलेक्टिविटी और ओवरऑल मेटल रिकवरी पर असर डालने वाले मुख्य मेटलर्जिकल फैक्टर की जांच करेगीजिसमें खास तौर पर रिएजेंट-मिनरल-वॉटर इंटरैक्शन पर जोर दिया जाएगा जो प्रोसेस स्टेबिलिटी और कंसंट्रेट क्वालिटी में अहम भूमिका निभाते हैं।

इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि “ हमारा मानना है कि मेटल और माइनिंग सेक्टर में ग्रोथ का अगला फेज साइंसइनोवेशन और कोलेबोरेशन से चलेगा। वर्जीनिया टेक के साथ हमारी पार्टनरशिप हमारे नॉलेज इकोसिस्टम को मजबूत करने और भविष्य के लिए हमारे ऑपरेशन्स को तैयार करने में आवश्यक कदम है। विश्व के बड़े संस्थानों के साथ काम करकेहम ऐसी क्षमता बनाना जारी रखेंगे जो माइनिंग एक्सीलेंस की आने वाली पीढ़ी को परिभाषित करेंगी।

वर्जीनिया टेक में माइनिंग और मिनरल्स इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हेडएरॉन नोबल ने कहा कि, “हिन्दुस्तान जिं़क के साथ यह पार्टनरशिप ऐसे कोलेबोरेशन को दिखाती है जो मीनिंगफुल इम्पैक्ट डालता है।” “इंडस्ट्री के साथ सीधे जुडकर हम मिनरल रिकवरी पर अपनी कटिंग-एज रिसर्च को ऑपरेशनल चैलेंज एवं अवसरों पर लागू कर सकते हैं। इससे यह सुनिश्चत होगा कि हमारी खोज और जानकारी को आगे बढ़ाने से हम और भी आगे जाएं। हम इस रिसर्च को अधिक प्रभावी रिसोर्स उपयोगमजबूत सप्लाई चेन और बड़े माइनिंग सेक्टर के लिए टैंजिबल बेनिफिट्स में परिवर्तित कर रहे हैं।”

यह प्रोजेक्ट अधिक प्रोसेस स्टेबिलिटीबेहतर कंसंट्रेट क्वालिटी और एक जैसे ऑपरेटिंग नतीजों को सहयोग करने के लिए ऑप्टिमाइज्ड ऑपरेटिंग अप्रोच और रिएजेंट सिस्टम को डिफाइन करने की दिशा में भी काम करेगा। परिणामस्वरूप शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह की स्ट्रेटेजी बनाने में मदद करेंगेजिन्हें डायग्नोस्टिक्सलैबोरेटरी इवैल्यूएशन और टेक्निकल असेसमेंट से सपोर्ट मिलेगाजिन्हें ऑपरेशन्स में प्रैक्टिकल इम्प्लीमेंटेशन के लिए डिजाइन किया गया है।

इस पार्टनरशिप का एक मुख्य हिस्सा हिन्दुस्तान जिंक की टीम के लिए नॉलेज ट्रांसफर और टेक्निकल कैपेसिटी बिल्डिंग होगाजिसमें प्लांट ऑप्टिमाइजेशनरिएजेंट स्ट्रेटेजी और प्रोसेस इम्प्रूवमेंट पर फोकस करने वाले स्ट्रक्चर्ड वर्कशॉपट्रेनिंग सेशन और टेक्निकल एक्सचेंज होंगे।

यह कोलेबोरेशन ग्लोबल पार्टनरशिप के जरिए अपनी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कैपेबिलिटी को मजबूत करने पर हिन्दुस्तान जिंक के रणनितिक फोकस को और मजबूत करता है। पिछले कुछ वर्षो मेंकंपनी ने मिनरल प्रोसेसिंगक्रिटिकल मेटल्स रिसर्चजिंक-बेस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी और प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन से जुड़े इनिशिएटिव पर आईआईटी सीएसआईआर लैबोरेटरीज और जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च जैसे बड़े एकेडमिक और रिसर्च इंस्टीट्यूशन के साथ कार्य किया है। इन कोलेबोरेशन ने इन-हाउस टेक्निकल कैपेबिलिटी बनाने,इनोवेशन को तेज करने और टेक्नोलॉजी-फर्स्टफ्यूचर-रेडी मेटल्स कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के लॉन्ग-टर्म विजन को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाई है।

 

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