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विद्यापीठ में कार्यकर्ताओं के हित सर्वाेपरि, दिया जा रहा है सातवें वेतनमान का लाभ

उदयपुर, 4 जून। विगत 16 वर्षाे में जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय) में समस्त शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियां सूच...

उदयपुर, 4 जून। विगत 16 वर्षाे में जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय) में समस्त शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियां सूचारू रूप से नियमानुसार संचालित की जा रही है। वर्तमान में विश्वविद्यालय पूर्णतः स्ववित्त पोषित संस्थान हैं। विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, राज्य सरकार से किसी प्रकार का कोई अनुदान नहीं प्राप्त हो रहा है इसके बावजूद कार्यकर्ताओं को सातवे वेतनमान व अन्य को सम्मानजनक लाभ दिया जा रहा है।  समय - समय पर राज्य सरकार द्वारा घोषित लाभ व अन्य लाभ भी निमयानुसार समस्त कार्यकर्ताओं को समय पर प्रदान किये जाने हेतु प्रतिबद्ध है।

पूर्व में दिनांक 27.05.2026 को सामाजिक प्रशासन के प्रतिनिधि मण्डल के कार्यकर्ताओं की बैठक कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर, कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत के सानिध्य में आयोजित की गई थी सामाजिक प्रशासन के प्रतिनिधि मंडल ने बकाया डीए , वेतन वृद्धि एवं 9, 18, 27 के लाभ, बोनस एवं अस्थाई कार्यकर्ताओं को स्थाई करने की मांग को लेकर कुलाधिपति, कुलपति प्रो. को ज्ञापन सौपा था।

सौहार्द्वपूर्ण वातावरण में मांग प्रशासन के सम्मुख रखी गई थी जिस पर कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कुलपति प्रो. शिवसिंह सांगदेवोत ने कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर की सहमति से तत्काल जुलाई माह से बकाया वेतन वृद्धि, डीए, नियमानुसार कार्यकर्ताओं को 9,18,27 का लाभ देने तथा बोनस भी प्रतिवर्ष नियमानुसार देने एवं नियमानुसार कार्यकर्ताओं को पदोन्नति की घोषणा कर दी गई थी।  

सभी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया था। सामाजिक प्रशासन के कार्यकर्ताओं ने बताया कि विद्यापीठ कार्यकर्ताओें की संस्था है और इसे सामुहिक भागीदारी से ओर उंचाईयों पर पहुंचाना है। आज संस्था ने देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी अगल पहचान बनाई है यह सब कार्यकर्ताओं की बदौेलत ही संभव है।

खेद का विषय है कि राजस्थान विद्यापीठ एवं कुल कर्मचारी संघ द्वारा अनाधिकृत रूप से लेटर हेड का दूरूपयोग कर कार्यकर्ताओं में असंतोष उत्पन्न किया जा रहा है तथा विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल किया जा रहा है। इसी मांग को लेकर विद्यापीठ के समस्त कार्यकर्ताओं ने दिनांक 01.06.2026 को कलेक्टर एवं एसपी से वार्ता कर अवगत कराते हुए विधिक कार्यवाही की मांग की थी।

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