कथावाचक कमलेश शास्त्री की कथा में गूंजा सनातन, धर्म, हिंदुत्व और एकता का संदेश बनकोड़ा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बल्लिया जागरूक धूणी में...
कथावाचक कमलेश शास्त्री की कथा में गूंजा सनातन, धर्म, हिंदुत्व और एकता का संदेश
बनकोड़ा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बल्लिया जागरूक धूणी में भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ एवं गुरुजनों का आशीर्वाद लिया। भजन, कीर्तन, सत्संग, कथा एवं संत-महात्माओं के आशीर्वचनों से पूरा धूणी परिसर भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा
कार्यक्रम में कथावाचक कमलेश शास्त्री ने कथा के माध्यम से धर्म, सनातन संस्कृति, हिंदुत्व, आपसी प्रेम, भाईचारे और समाज में एकता का संदेश दिया। उन्होंने सभी से आपसी मतभेद भुलाकर सनातन संस्कृति और समाज की मजबूती के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वागड़ की बेटी रौशनी बारोट भी विशेष रूप से मौजूद रहीं। अपनी मातृभूमि और वागड़ की मिट्टी से गहरा जुड़ाव रखने वाली रौशनी बारोट ने कहा कि “मेरी जन्मभूमि और मेरी मातृभूमि ही मेरी पहचान है। वागड़ की मिट्टी मेरे लिए माँ के समान है और अपनी इस पावन धरती की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ना मेरे लिए गर्व की बात है।”
मॉडल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना चुकीं रौशनी बारोट छप्ड थ्वनदकंजपवद की संस्थापक हैं। सामाजिक सरोकारों, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में भी वे सक्रिय हैं। उन्हें डपेे - डते प्दकपं प्दजमतदंजपवदंस 2019 में फर्स्ट रनर-अप एवं ‘सुपरमॉडल’ का खिताब प्राप्त हो चुका है।
कार्यक्रम में कमलेश बावलिया, केडी, लोकेश, विनय सहित कई अन्य क्रिएटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी सहभागिता की। सभी ने कथा, भजन, सत्संग और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया तथा धर्म और सनातन संस्कृति से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाई।
गाँववासियों और भोलेनाथ के भक्तों की रही विशेष सहभागिता
कार्यक्रम को सफल बनाने में बल्लिया एवं आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं, युवाओं, बुजुर्गों, मातृशक्ति, आयोजन समिति, सेवा में जुटी टीम तथा सभी सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने मिलकर श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था संभाली और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय बनाने में सहयोग किया।
भगवान भोलेनाथ के भक्तों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने धूणी के दर्शन किए, कथा एवं सत्संग का लाभ लिया और गुरुजनों एवं संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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