तृतीय श्रेणी शिक्षक संवर्ग के स्थानांतरण की उठी मांग सबसे बड़े शिक्षक संवर्ग के साथ न्याय करें सरकार उदयपुर, 20 जुलाई। राजस्थान पंचायती रा...
तृतीय श्रेणी शिक्षक संवर्ग के स्थानांतरण की उठी मांग
सबसे बड़े शिक्षक संवर्ग के साथ न्याय करें सरकार
उदयपुर, 20 जुलाई। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा तृतीय श्रेणी शिक्षक संवर्ग की वर्षों से लंबित एवं उपेक्षित मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन निरंतर गति पकड़ रहा है। आंदोलन के द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष प्रथम कमलेश शर्मा द्वितीय अरविंद डामोर के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के नाम सात सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया।
प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह ने बताया कि संगठन लंबे समय से तृतीय श्रेणी शिक्षक संवर्ग की न्यायोचित एवं ज्वलंत मांगों को लेकर संघर्षरत है, किंतु सरकार की उदासीनता के कारण शिक्षकों में गहरा असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से तृतीय श्रेणी शिक्षक, प्रबोधक, तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक एवं तृतीय श्रेणी पुस्तकालयाध्यक्ष के स्थानांतरण आज तक नहीं किए गए हैं, जबकि अन्य शिक्षक संवर्गों के स्थानांतरण नियमित रूप से होते रहे हैं। इसी प्रकार तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी में पदोन्नति का मार्ग भी वर्षों से अवरुद्ध है तथा सरकार न्यायालय में शिक्षकों का प्रभावी पक्ष रखने में विफल रही है।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों के उपार्जित अवकाश, एरियर राशि तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन प्रकरणों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। सरकार द्वारा इन भुगतानों पर व्यावहारिक रूप से लगाई गई अघोषित रोक कर्मचारियों के हितों के विपरीत एवं अत्यंत अन्यायपूर्ण है।
प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह ने कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर वर्षों बाद रीट परीक्षा उत्तीर्ण करने का दबाव बनाया जाना पूर्णतः अनुचित है, जबकि अन्य किसी भी विभाग में ऐसी बाध्यता लागू नहीं है। साथ ही तृतीय श्रेणी शिक्षकों पर अनुचित रूप से जारी किए गए ष्पे प्रोटेक्शनष् आदेशों के आधार पर की जा रही वसूली तत्काल प्रभाव से बंद कर आदेश वापस लिए जाएँ, क्योंकि यह प्रावधान इस संवर्ग पर लागू नहीं होता।
संगठन ने शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर नवीन पदों का सृजन करने, रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा गत वर्ष अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त किए गए विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए शीघ्र बजट जारी करने की भी मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं समुचित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
जिला मंत्री प्रथम सुभाष बिश्नोई, द्वितीय सोहनलाल गरासिया ने कहा कि इन मांगों को लेकर तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित समूचे शिक्षक समुदाय में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। सरकार को अविलंब शिक्षक संगठनों को वार्ता के लिए आमंत्रित कर समस्याओं का सकारात्मक समाधान करना चाहिए। यदि समय रहते न्यायोचित मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो संगठन प्रदेश की राजधानी जयपुर में व्यापक एवं निर्णायक आंदोलन की रणनीति पर अमल करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरमकार की होगी।
आज के प्रदर्शन में नवीन व्यास, भेरूलाल कलाल,चंद्रशेखर परमार, मनोज मोची, रूपलाल मीणा , गजेंद्र शर्मा, प्रेम सिंह भाटी, सुरेश गरासिया हितेंद्र दवे, तुलसीराम सुथार, प्रेम बेरवा, गोपाल लक्षकार, राम अवतार गुर्जर, अशोक मीणा, जय सिंह राठौड़, गोपी कुमावत, सुरेश खंडारिया, निम्न पदाधिकारी. सहित बड़ी संख्यामें शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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