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पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ हुआ, नव-प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत

अनुशासन और सेवा भाव ही चिकित्सा पेशे की असली कुंजीः-डॉ.मंगल उदयपुर,1 अगस्त। पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथैरे...


अनुशासन और सेवा भाव ही चिकित्सा पेशे की असली कुंजीः-डॉ.मंगल

उदयपुर,1 अगस्त। पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उनकी शैक्षणिक यात्रा की नई पारी को यादगार बनाने के उद्देश्य से एक भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस दौरान नव आगंतुक छात्र-छात्राओं का पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार कुमकुम का टीका लगाकर और माल्यार्पण कर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया, जिससे परिसर का माहौल पूरी तरह से उत्सवमय नजर आया।

नए अकादमिक सत्र का विधिवत आगाज पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. एम.एम. मंगल, पीएमसीएच के प्रिंसिपल एंड कंट्रोलर डॉ. यू.एस. परिहार, डीन रिसर्च डॉ. आर.के. पालीवाल और पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी के डीन डॉ. जफर खान ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार की ओर से उपस्थित सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों का आत्मीय स्वागत किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

इस अवसर पर चेयरमैन राहुल अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमन अग्रवाल एवं सीईओ शरद कोठारी ने भी नवागंतुक विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. एम.एम. मंगल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में फिजियोथैरेपी की भूमिका दिन-प्रतिदिन अत्यंत महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन, कड़ी मेहनत और सेवा भाव ही इस चिकित्सा पेशे की असली कुंजी हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी पठन-पाठन की अवधि के दौरान केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक व प्रायोगिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दें ताकि समाज और मानवता की बेहतरीन सेवा कर सकें।

ओरिएंटेशन कार्यक्रम के इस मौके पर पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी के डीन डॉ. जफर खान ने कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्ध बुनियादी ढांचे, आधुनिक प्रयोगशालाओं और अस्पताल आधारित (क्लिनिकल) प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कुशल, सक्षम और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण फिजियोथैरेपी पेशेवर बनाना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को आश्वस्त किया कि महाविद्यालय में उन्हें उच्चकोटि का शैक्षणिक वातावरण और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन निरंतर मिलता रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने कॉलेज परिसर का भ्रमण किया तथा फैकल्टी सदस्यों से संवाद कर संस्थान की शिक्षण प्रणाली के बारे में विस्तार से जाना।

कार्यक्रम के  सफल आयोजन में डॉ.दीपक लोहार, डॉ.फारूक मोहम्मद, डॉ.आदिल रजा अंसारी, डॉ.हीरेंद्र कटारिया, डॉ.रेणुका पाल, डॉ.दिव्या तिवारी, डॉ.दीपिका बलाला, डॉ.पायल शर्मा, डॉ.अभिषेक अरोड़ा, डॉ.सुहानी भटनागर, डॉ.वैश्णवी, डॉ. आबीद कुरैशी, डॉ.प्रशांत रामावत, डॉ.सौरभ सोनी, डॉ.हसनैन शेख, डॉ. दिलावर खान, डॉ. लोकिक, डॉ. हेमांक दवे, डॉ. कुशाग्र, श्वेता राजपूत एवं खुशवीर सिंह राजावत का योगदान रहा।


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