बैंड बाजे घोड़े एवं बागियों के साथ झूमते गाते निकली ग्रंथ यात्रा उदयपुर। सतगुरु चरितम कथा सप्ताह के अंतर्गत प्रातः 10 बजे सोमेश्वर महादेव मं...
बैंड बाजे घोड़े एवं बागियों के साथ झूमते गाते निकली ग्रंथ यात्रा
उदयपुर। सतगुरु चरितम कथा सप्ताह के अंतर्गत प्रातः 10 बजे सोमेश्वर महादेव मंदिर सवीना से एक भव्य ग्रंथ यात्रा निकाली गईl जिसमें बैंड बाजों की मधुर स्वर लहरियों के साथ में सभी भक्त जन नाचते झूमते इस शोभायात्रा में सम्मिलित हुएl शोभायात्रा में सर्वप्रथम बैंड बाजे, उनके पश्चात सत्यताम की पताका लिए हुए पुरुष श्वेत वस्त्र में एवं महिलाएं लाल चुनर में माथे पर कलश लिए हुए। उनके पाश्चात परम पूजनीय धर्माधिकारी साहेब की रथ एवं उनके पीछे महंत तपसी साहेब का रथ, तीसरा रथ में सदगुरु कबीर साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर शोभायात्रा में सम्मिलित किया गयाl सभी भक्त जन नाचते गाते झूमते हुए सुहालका भवन पहुंचे। जहां झंडा रोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआl धर्माधिकारी साहेब के कर कमलो से यहां दीप प्रज्वलन के पश्चात भोजन प्रसाद एवं 2:00 बजे कथा का शुभारंभ हुआ, 5:00 बजे तक कथा चली भक्त जनों ने बड़ी एकाग्रता के साथ में कथा का श्रवण किया एवं सद्गुरु चरितम कथा के प्रारंभ प्रथम दिवस में सभी ने बिल्कुल मंत्र मुक्त होकर इस कथा का श्रवण किया। भक्ति गीत पर महिलाओं ने खूब नाचने का आनंद लिया। कथाकार परम पूज्य धर्माधिकारी श्री सुधाकर साहेब जी ने कहा कि
इस कलयुग में मनुष्य चारों तरफ से मोह माया में फंसा हुआ है। मनुष्य विषय भोगों में लिप्त हैं। इससे वह और अधिक दुखी हैं। मन से दुखी हैं ,पीड़ित हैं। मनुष्य मोह रूपी अंधकार से दूर रहकर प्रसन्न रह सकता है। मृदु उपदेश व अमृत रूपी वाणी से कल्याण संभव है। धीरज सज्जनों को संतुष्ट करने के लिए ,संतोष प्रदान करने के लिए ,प्रसन्न करने के लिए है।
कार्यक्रम में महंत तपसी साहेब, भंवर लाल सुहालका, राम प्रसाद , चंदन ,लोकेश चौधरी, गिरवर लाल चौधरी, सुभाष सुहालका, प्रकाश चौधरी, कैलाश प्रजापत,भगवती चौधरी,भेरुलाल माली, गजेंद्र सहित सैकड़ों भक्तों ने कथा का श्रवण किया।
.jpeg)

No comments