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डूंगरपुर में पैंशन विभाग, कोष कार्यालय का कम्प्यूटर ऑपरेटर 20 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

उदयपुर। 01 सितम्बर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान द्वारा आज डूंगरपुर में पैंशन विभाग में पदस्थापित गोविन्द गाठिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर को ए...

उदयपुर। 01 सितम्बर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान द्वारा आज डूंगरपुर में पैंशन विभाग में पदस्थापित गोविन्द गाठिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर को एसीबी उदयपुर की टीम द्वारा कार्यवाही कर कुल 20 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुऐ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो चौकी उदयपुर पर उपस्थित होकर बताया कि मैं वन विभाग उदयपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्य करता हूं। मेरे पिता जी वन विभाग में कैटल गार्ड थे जिनकी मृत्यु दिनांक 17.08.2017 को हो गई थी। मेरे पिताजी की मृत्यु के बाद उनके स्थान पर मुझे वन विभाग उदयपुर में अनुकम्पात्मक नियुक्ति मिली थी। मेरे पिताजी की वर्ष 2017 से लगातार पैंशन आ रही थी। मेरे पिताजी की पेंशन का लगभग 2 लाख 59 हजार रूपये का एरियर बना था जिसको पास करवाने के लिये मैं और मेरी माताजी माह अप्रेल 2025 में दोनो पेंशन विभाग डूंगरपुर गये थे जहां हमें  गोविन्द गाठिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर मिला था जिससे हमने पिताजी की पैंशन के एरियर के रूपये पास करने की बात कही तो उसने हमसे पैंशन के एरियर के रूपये पास करने की एवज में 90 हजार रूपये की मांग की थी। इसके बाद उसने मुझे काफी बार फोन किया था और रूपयों की मांग की पर मैंने उसे रिश्वत के रूपये देने से मना कर दिया। इसके बाद मेरी माताजी के बैंक खाते में एरियर के रूपये आ गये परन्तु मई 2025 से मेरी माताजी के बैंक खाते में मेरे पिताजी की पैंशन आनी बन्द हो गई। इस पर मैंने और मेरी माताजी ने फिर गोविन्द गाठिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर, पैशन विभाग, डूंगरपुर से सम्पर्क किया और मेरे पिताजी की पेंशन बन्द करने का कारण पूछा तो गोविन्द गाठिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर ने हमसे फिर टुकडो टुकडों में तीस-तीस हजार रूपये रिश्वत के रूपये देने की मांग की और नहीं देने पर फिर से पैंशन शुरू करने के लिये मना कर दिया। मैंने दिनांक 02.06.2025 को मेरी माताजी का जीवित प्रमाण पत्र भी ऑन लाईन प्रस्तुत कर दिया। इसके बाद मैं पुनः डूंगरपुर जाकर गोविन्द कुमार गाठिया से मिला तो उन्होने मुझसे कहा कि पहले वाले रूपये दे देते तो पैंशन बन्द नहीं होती अब अगर पैंशन चालू करवानी है तो टुकडो टुकडों में तीस-तीस हजार रूपये देने पड़ेंगे। 

परिवादी द्वारा दी गई रिपोर्ट का श्री अनन्त कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उदयपुर द्वारा सत्यापन करवाया गया जिसमे गोविन्द गाठिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर, पैशन विभाग, कोष कार्यालय, डूंगरपुर द्वारा की जा रही मांग की पुष्टि हुई जिसके पश्चात् श्री प्रहलाद कृष्णिया, उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उदयपुर रेंज, उदयपुर के पर्यवेक्षण में श्री नरपत सिह, पुलिस निरीक्षक मय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, चौकी उदयपुर की टीम द्वारा ट्रेप कार्यवाही करते हुए गोविन्द गाठिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर, पैशन विभाग, कोष कार्यालय, डूंगरपुर को कोष कार्यालय, डूंगरपुर में स्वयं के कार्यालय कक्ष में परिवादी से 20,000/- रूपये की रिश्वत की राशि लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

आरोपी के डूंगरपुर स्थित मकान की तलाशी के साथ-साथ आरोपी से विस्तृत अनुसंधान किया जा रहा है।

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