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सुरों की मंडली संस्था की कोर कमेटी मेंबर ने समझी इंडियन म्यूजिक एक्सपीरियंस म्यूजियम की कार्यप्रणाली

उदयपुर के प्रस्तावित संगीत संग्रहालय को मिलेगा व्यापक दृष्टिकोण : मुकेश माधवानी उदयपुर। शहर की प्रतिष्ठित सुरों की मंडली संस्था की कोर कमेटी...


उदयपुर के प्रस्तावित संगीत संग्रहालय को मिलेगा व्यापक दृष्टिकोण : मुकेश माधवानी

उदयपुर। शहर की प्रतिष्ठित सुरों की मंडली संस्था की कोर कमेटी मेंबर हेमा जोशी ने हाल ही में बेंगलुरु स्थित इंडियन म्यूजिक एक्सपीरियंस म्यूजियम का दौरा कर वहां की कार्यप्रणाली, संरचना और प्रस्तुतीकरण शैली का गहन अध्ययन किया।

कोर कमेटी मेंबर हेमा जोशी ने बताया कि यह दौरा किसी विशेष परियोजना के तहत नहीं, बल्कि संगीत संग्रहालयों की कार्यप्रणाली को समझने और ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से किया गया, जिससे उदयपुर में पहले से प्रस्तावित संगीत संग्रहालय को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक रूप देने की दिशा में उपयोगी अनुभव प्राप्त हो सके।

क्यों प्रसिद्ध है बेंगलुरु का म्यूजिक एक्सपीरियंस म्यूजियम

सुरों की मंडली संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि बेंगलुरु का इंडियन म्यूजिक एक्सपीरियंस म्यूजियम देश का पहला इंटरैक्टिव संगीत संग्रहालय है, जहां भारतीय संगीत की विविध परंपराओं शास्त्रीय, लोक, सूफी और फिल्म संगीत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने कहा कि यहां आगंतुक केवल जानकारी ही नहीं लेते, बल्कि डिजिटल माध्यमों और इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन के जरिए संगीत को सुनते, समझते और अनुभव भी करते हैं, जो इसे अन्य संग्रहालयों से अलग बनाता है।

सचिव अरुण चौबीसा ने बताया कि उदयपुर में संगीत संग्रहालय की स्थापना पहले से प्रस्तावित है और इस प्रकार के अध्ययनात्मक दौरे से यह समझने में मदद मिलती है कि किस प्रकार एक संग्रहालय को अधिक आकर्षक, ज्ञानवर्धक और जन-सरोकार से जुड़ा बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और प्रस्तुतीकरण शैली का समावेश भविष्य में इस परियोजना को नई दिशा देगा।

कोर कमेटी मेंबर हेमा जोशी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बेंगलुरु के इस म्यूजियम में संगीत को अत्यंत रोचक और जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। वहां की कार्यप्रणाली, वाद्ययंत्रों की जानकारी और इंटरैक्टिव सिस्टम को समझना एक समृद्ध अनुभव रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संगीत को नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से कैसे पहुंचाया जा सकता है।

कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने बताया कि उदयपुर में प्रस्तावित यह संगीत संग्रहालय आने वाले समय में न केवल शहर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि संगीत शिक्षा, लोक कला के संरक्षण और पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उदयपुर को एक प्रमुख सांस्कृतिक और संगीत केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


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