उदयपुर, 30 मार्च. राजस्थान के ट्रांसपोर्टरों और मोटर मालिकों ने सरकार की नीतियों और कथित शोषण के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। मेवाड़ की पावन धर...
उदयपुर, 30 मार्च. राजस्थान के ट्रांसपोर्टरों और मोटर मालिकों ने सरकार की नीतियों और कथित शोषण के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।
मेवाड़ की पावन धरा उदयपुर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के तत्वावधान में एक विशाल महापंचायत का आयोजन राजकिरण गार्डन में किया गया। इस दौरान प्रदेशभर के ट्रांसपोर्टरों ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो जल्द ही पूरे राजस्थान में चक्का जाम किया जाएगा।
महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सबरवाल ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि ई-चालान आज ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के लिए "कैंसर" बन चुका है। टोल नाकों पर लगे कैमरों के जरिए 10-10 हजार रुपये के मनमाने जुर्माने वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा -अवैध टोल वसूली जिन टोल नाकों की समयावधि पूरी हो चुकी है, वहां नियमानुसार केवल 40 प्रतिशत रख-रखाव शुल्क लिया जाना चाहिए, लेकिन वहां पूरी राशि वसूली जा रही है और ओवरलोड पर जुर्माना 5 हजार से बढ़ाकर 20 हजार कर देना अनुचित है। बिना ड्राईवर के हस्ताक्षर के हजारों के चालान ऑनलाईन बना देना अनुचित है। फिटनेस सेन्टर कम होने से फिटनेस सेन्टर पर 1 गाड़ी को 5-6 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, सरकार से अनुरोध है कि पहले जिस तरह से फिटनेस किया जाता था उसी तरह से लागू किया जावें। सड़कों पर इंस्पेक्टर राज खत्म हो।
भारी जुर्माना : 15 साल पुरानी गाड़ियों के नवीनीकरण (फिटनेस) के नाम पर 50 से 55 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।
ड्राइवरों की सुरक्षा : सड़कों पर ड्राइवरों के साथ होने वाली मारपीट की घटनाओं की कड़ी निंदा की गई।
महापंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राजस्थान के एकमात्र ट्रासपोर्टर जो विधायक है उदयलाल भडाणा ने ट्रांसपोर्टरों को आश्वासन दिया कि उनका शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, मैं विधानसभा में आपकी बात मजबूती से उठाऊंगा। आप एक कमेटी बनाकर मुझसे मिलें, मैं मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के बीच सेतु बनकर समाधान निकालने का प्रयास करूंगा।
एआईएमटीसी के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह भाटी और पूर्व अध्यक्ष भीम वादवा ने संगठन की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि ट्रांसपोर्टर बंटे हुए हैं, इसीलिए सरकार उन पर हावी है। उन्होंने सभी से एक सूत्र में बंधने की अपील की।
प्रदेश सचिव विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा - "ट्रांसपोर्टर अपनी ताकत भूल चुका है, लेकिन अब ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। अगर सरकार नहीं संभली तो हम विधानसभा का घेराव करेंगे, राजस्थान बंद करेंगे और अपनी गाड़ियों की चाबियां डीटीओ ऑफिस में जमा करा देंगे।"
इस महापंचायत में उदयपुर ट्रांसपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के संरक्षक पुष्पराज मेहता, अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राणावत, महामंत्री मनोहर सिंह राठौड़ सहित जयपुर से जगदीश चौधरी, कोटा से अनिल ठाकुर, विजयनगर से दौलतराम सिंधी, अजमेर से मोईन खान और निम्बाहेड़ा से पीयूष चौधरी, भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट के सचिव अरिहंत जैन, कोषाध्यक्ष राहुल कटारिया, संगठन मंत्री रतन मीणा, गोपाल शर्मा, रतन सिंह, भंवर सिंह, सत्यवीर सिंह सहित सैकड़ों ट्रांसपोर्टर व पदाधिकारी मौजूद रहे।


No comments