बाड़मेर: अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के लोकेशन मॉडल का भंडाफोड़; पाक हैंडलर 'मसाद' के संपर्क में था तस्कर जयपुर 07 अप्रैल। एटीएस और ब...
बाड़मेर: अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के लोकेशन मॉडल का भंडाफोड़; पाक हैंडलर 'मसाद' के संपर्क में था तस्कर
जयपुर 07 अप्रैल। एटीएस और बाड़मेर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए ड्रग तस्कर सलमान खान और शंकर राम ने पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय तस्करी के एक बेहद गोपनीय और चौंकाने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। मुख्य आरोपी सलमान ने कुबूला है कि वह पिछले छह महीनों से पाकिस्तान के नीमला गांव निवासी हैंडलर मसाद के सीधे संपर्क में था। यह संपर्क उसके गांव के ही रहीम खान ने करवाया था, जो मसाद का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पाकिस्तानी हैंडलर ने सलमान की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर उसे मोटे मुनाफे का लालच दिया और डेड ड्रॉप पद्धति से तस्करी के धंधे में धकेल दिया।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एमएन ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा पूछताछ में सामने आया कि तस्करी का यह पूरा खेल पूरी तरह डिजिटल और लोकेशन आधारित है। पाकिस्तानी हैंडलर मसाद बॉर्डर पार से व्हाट्सएप कॉल के जरिए गूगल मैप्स की लोकेशन भेजता था। ये लोकेशन अक्सर बीएसएफ बॉर्डर के पास प्रतिबंधित क्षेत्रों या सुनसान खेजड़ी के पेड़ों के नीचे की होती थीं। आरोपी सलमान को उन चिन्हित स्थानों पर जाकर जमीन खोदनी पड़ती थी, जहां से उसे मादक पदार्थ के पैकेट मिलते थे। इसी तरह, काम पूरा होने के बाद उसका मेहनताना भी किसी गुप्त लोकेशन पर जमीन में दबाकर रखा जाता था, जिसे वह फोन पर मिली सूचना के आधार पर प्राप्त करता था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने भुगतान के तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि उसका एयरटेल पेमेंट बैंक में एक खाता है, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर मसाद ने किस्तों में पैसे डलवाए थे। खाते में सीधे पैसे आने के कारण आरोपी लालच में आ गया और तस्करी के नेटवर्क में गहराई से जुड़ गया। सिर्फ बैंक ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि बड़े काम के बदले भारी मेहनताना भी नकद रूप में गुप्त लोकेशन पर जमीन में दबाकर दिया जाता था।
आरोपी ने बताया कि तीन महीने पहले लोकेशन पर गाड़े गए पैकेट को चिन्हित स्थान पर पहुंचाने के बदले उसे बड़ी राशि भी जमीन में गड़ी हुई मिली थी। इसी तरह आज जो पांच पैकेट लेकर आया है, यह मसाद की भेजी हुई लोकेशन बॉर्डर से 250 मीटर दूर एक पेड़ के नीचे से 4 अप्रेल को खोद करके लाया है। जमीन के नीचे पीले कलर के प्लास्टिक के कट्टे में उसे पांच पैकेट मिले थे।
आरोपी ने यह भी बताया कि हैंडलर मसाद ने 5-6 साल पहले बाड़मेर के सीमावर्ती इलाकों जैसे भभूतियों की ढाणी औऱ आस पास की ढाणियों में माल डिलीवर किया था। यह पूरा नेटवर्क इतना गोपनीय था कि एक हाथ को दूसरे की खबर नहीं होती थी और काम पूरा होते ही मोबाइल से लोकेशन और चैट डिलीट कर दी जाती थी। पुलिस अब सलमान के व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और उसके मददगार रहीम खान की तलाश में जुटी है, ताकि सरहद पार से चल रहे इस लोकेशन आधारित तस्करी मॉड्यूल को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। गिरफ्तार तस्करों ने उगले राज: ड्रग्स के साथ विस्फोटक और हथियारों की तस्करी का बड़ा खुलासा; एटीएस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट
एडीजी श्री एमएन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों सलमान खान और शंकर राम ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले गंभीर खुलासे किए हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि सीमापार से केवल मादक पदार्थों की ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और अवैध हथियारों की तस्करी भी होती रही हैं। इस इनपुट के बाद राजस्थान एटीएस, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और बाड़मेर पुलिस के साथ-साथ खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
तस्करों से मिली इस पुख्ता सूचना के आधार पर एटीएस राजस्थान और स्थानीय पुलिस ने जिले के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन संदिग्धों से एटीएस एसपी ज्ञानचंद यादव, बाड़मेर एसपी चुनाराम जाट और एजीटीएफ सहित विभिन्न खुफिया एजेंसियों के उच्च अधिकारी संयुक्त रूप से पूछताछ कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर्स का मकसद केवल नशा फैलाना ही नहीं, बल्कि विस्फोटक और हथियारों के जरिए क्षेत्र की शांति व्यवस्था को भंग करना भी हो सकता है। एडीजी ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त पूछताछ में बड़े खुलासे और एक अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के बेनकाब होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। जांच टीमें अब उन ठिकानों और लोकेशन्स को चिन्हित करने में जुटी हैं, जहां संभावित रूप से विस्फोटक और हथियार छुपाए गए हो सकते हैं। आरोपियों के मोबाइल डेटा और व्हाट्सएप चैट से मिले सुरागों के आधार पर आगामी दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां और बड़ी बरामदगी होने की उम्मीद है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे सिंडिकेट की गहराई तक पहुँचने के लिए सघन जांच अभियान चला रही हैं।

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