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सुरों की मंडली संस्था की महिला विंग ने रचा इतिहास, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम

225 महिलाओं ने लगातार चार घंटे तक दी रिले सिंगिंग प्रस्तुति : मुकेश माधवानी उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर की प्रतिष्ठित संगीत संस्था सुरों की...


225 महिलाओं ने लगातार चार घंटे तक दी रिले सिंगिंग प्रस्तुति : मुकेश माधवानी

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर की प्रतिष्ठित संगीत संस्था सुरों की मंडली ने अपनी प्रतिभा और सामूहिक संगीत साधना का परचम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लहराते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। संस्था की महिला विंग ने शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।

संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि यह उपलब्धि पूरे उदयपुर और राजस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्था हमेशा से संगीत के माध्यम से महिलाओं की प्रतिभा को मंच देने का कार्य करती रही है और महिला विंग ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।

महिला विंग संयोजिका मधु केवलिया ने इस उपलब्धि को उदयपुर के संगीत प्रेमियों के लिए एक गौरवशाली सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का यह अवॉर्ड केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान, महिलाओं की प्रतिभा और संगीत के प्रति उनके जुनून का वैश्विक मंच पर सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि आने वाले समय में और भी महिलाओं को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। संस्था को यह सम्मान “लांगेस्ट टाइम टू परफॉर्म रिले सिंगिंग बाय द लार्जेस्ट ग्रुप ऑफ वूमेन” श्रेणी में मिला है। इस रिकॉर्ड के तहत संस्था की 225 महिलाओं ने एक साथ लगातार चार घंटे तक रिले सिंगिंग प्रस्तुति देकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि 31 मार्च 2026 को उदयपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान हासिल की गई। सचिव अरुण चौबीसा ने बताया कि इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए लंबे समय से विशेष तैयारियां की जा रही थीं। सभी प्रतिभागी महिलाओं ने लगातार अभ्यास कर इस सामूहिक प्रस्तुति को सफल बनाया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने उत्साह और ऊर्जा के साथ लगातार चार घंटे तक गीतों की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने बताया कि इस आयोजन में महिलाओं की एकजुटता, समर्पण और टीम भावना देखने लायक रही। संस्था भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में प्रमुख रूप से शामिल रहीं—

मधु केवलिया, मोना कारवा, दिव्या सारस्वत, अस्मा बेगम, नीलम कौशल, नीलम पटवा, रंजना भाटी, निशा राठौर, हेमा जोशी, ज्योत्सना झाला, मधु शर्मा


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