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हिन्दुस्तान जिंक ने शुरू किया देशव्यापी अभियान ‘जंग के खिलाफ जिंक‘

व्यापक आउटरीच ,  उपभोक्ता जुड़ाव और डिजिटल पहलों के माध्यम से लोगों को किया जा रहा जागरूक उदयपुर , 27   अप्रैल।    अपने  2025   के सफल जागरूक...


व्यापक आउटरीचउपभोक्ता जुड़ाव और डिजिटल पहलों के माध्यम से लोगों को किया जा रहा जागरूक

उदयपुर, 27 अप्रैल।  अपने 2025 के सफल जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाते हुएभारत के एकमात्र और दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत जिंक उत्पादकहिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड  ने वर्ष 2026 में अपने प्रमुख अभियान जंग के खिलाफ जिंक का विस्तार किया है। इस वर्ष के अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को न केवल जंग के प्रति जागरूक करना हैबल्कि उन्हें इससे बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। वल्र्ड क्ररोशन अवेयरनेस डे के अवसर पर केंद्रित यह अभियान जंग को एक औद्योगिक समस्या के बजाय एक घरेलू मुद्दे के रूप में प्रस्तुत करता है। भारत में गर्मीउमस और प्रदूषण के कारण जंग लगने की प्रक्रिया तेज हो जाती हैजिससे देश की जीडीपी को लगभग 5 प्रतिशत तक का नुकसान होने का अनुमान है। ऐसे मेंयह अभियान उन निवारक उपायों की तत्काल जरूरत पर जोर देता हैजिनकी जरूरत ऐसे देश में और भी बढ़ जाती है जहाँ गर्मीनमी और प्रदूषण के कारण जंग लगने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

अपने 2025 संस्करण की सफलता से प्रेरित होकरहिन्दुस्तान जिं़क कई अलग-अलग माध्यमों और पूरे भारत में प्रचार-प्रसार के जरिए इस अभियान को और अधिक बढ़ा रहा है। इस अभियान की एक अहम बात एचजेडएलइण्डिया डाॅट काॅम पर एक खास ‘जिं़क गैल्वेनाइजेशन इंफाॅरमेशन‘ हब की शुरुआत है। इसे ग्राहकोंउद्योग से जुड़े लोगों और नीति-निर्माताओं के लिए एक केंद्रीय संसाधन के तौर पर तैयार किया गया है। यहाँ उपभोक्ता और उद्योग जगत के लोग जिंक गैल्वेनाइजेशन के फायदों और जंग से बचने के सरल तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

रेडियो और डिजिटल अभियानरू मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में रेडियो के जरिए विशेष जिंगल चलाया गयाजो विशेष रूप से कार मालिकों को जंग से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी जिंक की उपयोगिता को दिखाया जा रहा है। इसके साथ हीएक सशक्त डिजिटल मीडिया अभियान चलाया गया जिसमें जस्ता की भूमिका को दर्शाया गयाजो ऑटोमोबाइल और घरेलू फिटिंग से लेकर रेलवेट्रांसमिशन पोल और बड़े पैमाने के बुनियादी ढांचे तकरोजमर्रा की और महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा में सहायक है। ग्राउंड रियलिटी जानने के लिए मुंबई में आम जनता के बीच जाकर उनकी राय जानी गईजिससे पता चला कि लोग जंग को एक बड़ी समस्या तो मानते हैंलेकिन बचाव के तरीकों से अनजान हैं।

इस पहल पर हिन्दुस्तान जिं़क के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि, “जंग को अक्सर एक औद्योगिक समस्या के रूप में देखा जाता हैलेकिन वास्तव में यह हर व्यक्ति को प्रभावित करती हैचाहे वह हमारे द्वारा चलाए जाने वाले वाहन होंहमारे घर हों या वह बुनियादी ढांचा जिस पर हम दैनिक रूप से निर्भर रहते हैं। जंग के खिलाफ जिं़क अभियान के साथहमारा प्रयास जागरूकता से आगे बढ़कर लोगों को जंग के दीर्घकालिक प्रभाव और इसे रोकने के सरल उपायों के बारे में जागरूक कर कार्रवाई के लिए प्रेरित करना है। जिंक गैल्वनाइजेशन एक सस्टेनेबल और प्रभावी समाधान हैइस अभियान के माध्यम सेहमारा लक्ष्य इस जानकारी को हर नागरिक तक पहुंचाना है।”

 यह अभियान उपभोक्ताओंनीति निर्माताओं और उद्योग जगत के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जंग लगी कार की कम होती कीमत हो या घर की कमजोर होती फिटिंग्सहिंदुस्तान जिंक इन मुद्दों को आम आदमी की भाषा में समझा रहा है। जिंक गैल्वेनाइजेशन के माध्यम से स्टील की उम्र बढ़ाकरकंपनी देश के बुनियादी ढांचे को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने के संकल्प को दोहराती है।

जिंक गैल्वनाइजेशन जंग से निपटने के लिए विश्व स्तर पर सबसे प्रभावी तरीकों में से एक हैजो स्टील के जीवनकाल को काफी हद तक बढ़ाता है और दीर्घकालिक रखरखाव लागत को कम करता है।जंग खिलाफ जिं़क अभियान 2026 के माध्यम सेहिन्दुस्तान जिं़क व्यापक स्तर पर जागरूकता-आधारित कार्रवाई को बढ़ावा देनेमजबूत बुनियादी ढांचेसूचित उपभोक्ता विकल्पों और अधिक सस्टेनेबल भविष्य का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

 


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