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राजस्थान में सभी धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता होनी चाहिए: के के गुप्ता

प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र अर्थव्यवस्था की नींव और धार्मिक स्थल आस्था का प्रतिबिंब है: के के गुप्ता डूंगरपुर। राजस्थान प्रदेश अपनी समृद्...


प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र अर्थव्यवस्था की नींव और धार्मिक स्थल आस्था का प्रतिबिंब है: के के गुप्ता

डूंगरपुर। राजस्थान प्रदेश अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों, भव्य किलों, मंदिरों, झीलों और पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विशेष पहचान रखता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक प्रदेश के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर दर्शन और भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और प्रत्येक नागरिक का भी नैतिक कर्तव्य है।

यह उद्गार स्वच्छ भारत मिशन शहर 2.0 के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के प्रदेश समन्वयक और स्वच्छ भारत मिशन भाजपा प्रदेश संयोजक श्री के के गुप्ता ने व्यक्त किए हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में गुप्ता ने बताया कि राजस्थान में पुष्कर, खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी, नाथद्वारा, अजमेर शरीफ दरगाह, रणकपुर जैन मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थल श्रद्धा के प्रमुख केंद्र हैं। वहीं जयपुर का आमेर किला, उदयपुर की झीलें, जैसलमेर का किला, चित्तौड़गढ़ दुर्ग, माउंट आबू, कुंभलगढ़, रणथंभौर और कई ऐतिहासिक पर्यटन स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इन स्थानों पर स्वच्छ वातावरण न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देता है, बल्कि प्रदेश की छवि भी मजबूत करता है।

गुप्ता ने बताया कि कई बार देखा जाता है कि कुछ स्थानों पर प्लास्टिक कचरा, पानी की बोतलें, भोजन सामग्री के अवशेष, गंदगी और अव्यवस्थित शौचालय जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे आने वाले पर्यटकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और धार्मिक स्थलों की पवित्रता भी प्रभावित होती है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह पर्यटन और आस्था दोनों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। सभी प्रमुख स्थलों पर नियमित सफाई व्यवस्था, पर्याप्त कचरा पात्र, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र, जागरूकता बोर्ड और सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त नियुक्ति आवश्यक है। साथ ही स्थानीय निकायों, मंदिर ट्रस्टों, पर्यटन विभाग और स्वयंसेवी संगठनों को मिलकर अभियान चलाने चाहिए।

गुप्ता ने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा चाहते हैं कि धार्मिक एवं पर्यटक स्थल प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छ बनाया जाए। यह न केवल राजस्थान का मान सम्मान बढ़ाएंगे। टूरिस्ट राजस्थान में कम हो रहा है उसमें भी बढ़ोतरी होगी जिससे राजस्थान में न केवल व्यापार बढ़ेंगे, बल्कि आय में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री के यह भी स्पष्ट निर्देश हैं कि इन स्थानों पर स्वच्छता और सौंदर्यकरण के कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर स्वच्छता और पर्यटन विकास को लेकर योजनाएं चलाई जाती रही हैं, लेकिन इन योजनाओं की सफलता आम जनता की भागीदारी से ही संभव है। यदि श्रद्धालु और पर्यटक स्वयं भी कचरा इधर-उधर न फेंकें, नियमों का पालन करें और स्वच्छता को प्राथमिकता दें, तो राजस्थान देश का सबसे स्वच्छ पर्यटन प्रदेश बन सकता है।


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