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स्वच्छता से ही आएगी प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली, विकास की पहली सीढ़ी है स्वच्छ भारत: के के गुप्ता

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के ब्रांड एम्बेसडर के के गुप्ता ने ली बैठक डीग। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के प्रदेश ब्रांड एम्बेसडर के. के. गुप्ता ने ...


स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के ब्रांड एम्बेसडर के के गुप्ता ने ली बैठक

डीग। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के प्रदेश ब्रांड एम्बेसडर के. के. गुप्ता ने बुधवार को डीग जिले के सभी नगर निकायों एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ पंचायत समिति सभागार में बैठक ली।

बैठक में गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन शहर और ग्रामीण में राजस्थान प्रदेश को उत्कृष्ट स्थान पर देखने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि स्वच्छता के कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं निगरानी रखी जा रही है वहीं विभाग के उच्च स्तर तक भी मॉनिटरिंग रखते हुए प्रत्येक छोटे-बड़े निकाय के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े हुए हैं, इनके द्वारा प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा की जा रही है।

गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2014 से पूर्व पूरे देश में गंदगी और कचरे का साम्राज्य फैला हुआ था। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री महोदय ने एक बड़े विजन के साथ में स्वच्छ भारत मिशन अभियान प्रारंभ किया। उनकी बड़ी सोच रही है कि देश का प्रत्येक गांव, ढाणी और कस्बा शहर स्वच्छ और सुंदर होना चाहिए। देखते ही देखते सोचता अभियान एक जन आंदोलन बन गया क्योंकि स्वच्छ भारत मिशन से देश के 142 करोड लोगों का सीधा संबंध है। इस अभियान से पहले तक देश में प्रतिवर्ष करीब 25 लाख लोग असमय काल का ग्रास बन रहे थे लेकिन जब से स्वच्छ भारत मिशन शहर और ग्रामीण संचालित हो रहा है और गंदगी तथा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है तो वातावरण भी स्वच्छ हो रहा है। पहले लोग गंदगी से होने वाली प्रमुख बीमारी डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, उल्टी, दस्त बुखार आदि से पीड़ित हो रहे थे, लेकिन अब बीमारियां भी काम हो रही है। सरकारों को जनता के लिए स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं चलानी पड़ती है जिसमें प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रूपया व्यय हो रहा है। अब स्वच्छ भारत मिशन की बदौलत आम जनता का स्वास्थ्य भी अच्छा हो रहा है वही बीमा योजना का सरकारी धन बचत होकर देश और प्रदेश के विकास में काम आ रहा है।

ब्रज क्षेत्र डीग जिला स्वच्छता में नई पहचान बनाएगा

गुप्ता ने कहा कि भरतपुर संभाग जो राजस्थान की पूर्व दिशा में है और इस क्षेत्र को राजस्थान का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। पूरे राजस्थान में यह क्षेत्र एक जाना पहचाना नाम है वही, जिला डीग ब्रज ट्यूरिस्ट सर्किट का भी सबसे प्रमुख जिला है। यह क्षेत्र स्वच्छता अभियान में अपनी एक नई पहचान कायम करेगा। यहां के जल महल को देखने के लिए प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक आते हैं और यहां की स्वच्छता और सुंदरता को देखकर प्रत्येक पर्यटक अपने मन में एक सकारात्मक सोच लेकर जाएगा।

स्वच्छता के कार्यों पर प्रदेश के निकायों को दी जा रही है रैंकिंग

गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्याे के आधार पर चार भागो में बाँटा गया है। ए केटेगरी के निकायो में अभी स्वच्छता के प्रति श्रेष्ठ कार्य चल रहा है। बी केटेगरी के निकायो में स्वच्छता के प्रति संतोषजनक कार्य किये जा रहे है। सी केटेगरी के निकायो में स्वच्छता के कार्याे के प्रति गंभीरता नहीं है सुधार के लिए चेतावनी दी जानी आवश्यक है। डी केटेगरी के निकायों में सख़्त कारवाई की आवश्यकता है। 

स्वच्छता के मुख्य सूत्र

डोर टू डोर कचरा संग्रहण-नियमित समय बद्ध रूप से गीला एवं सूखा अलग-अलग प्रातः 10 बजे से पहले कचरा संग्रहण तथा एक गाड़ी से 400 घरों तक का कचरा संग्रहण कार्य किया जाए। प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग रोकते हुए नियमित रोकथाम की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सामुदायिक शौचालय एवं मूत्रालय की सफाई-सामुदायिक शौचालय एवं मूत्रालयों की सफाई दिन में तीन बार होनी चाहिए। रंग रोंगन तथा पानी की व्यवस्था सुचारू होनी चाहिए। रात्रिकालीन सफाई-कॉमर्शियल क्षेत्र में रात्रिकालीन सफाई नियमित होनी चाहिए। एक व्यक्ति को 400 मीटर से ज्यादा की सफाई नहीं दी जावे। रेडियम की जैकेट कर्मचारी पहने हुए होने चाहिए।


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