उदयपुर को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ना समय की आवश्यकता- क्षितिज कुम्भट उदयपुर। उदयपुर सिटीज़न सोसाइटी के क्षितिज कुम्भट ने कहा कि हाल ही में ...
उदयपुर को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ना समय की आवश्यकता- क्षितिज कुम्भट
उदयपुर। उदयपुर सिटीज़न सोसाइटी के क्षितिज कुम्भट ने कहा कि हाल ही में घोषित नई रेल एवं बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में उदयपुर से होकर गुजरने वाले अहमदाबाद-दिल्ली हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का कोई उल्लेख नहीं किया गया है और नई जगह की घोषणा में इसका कोई नाम नहीं है और नहीं प्राथमिकता दिखाई दे रही है।
पूर्व में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि इस कॉरिडोर की डीपीआर तैयार की जा चुकी है और इसे भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है। जिससे प्रतीत होता है कि यह महत्वपूर्ण परियोजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। लगभग 875 किमी लंबा दिल्ली-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर।
-ट्रेन की संभावित गति 320दृ350 किमी/घंटा।
-राजस्थान के प्रमुख शहरों को जोड़ने का प्रस्ताव
जयपुर, अजमेर, भीलवाडा, चित्तौडगढ व उदयपुर
-दिल्ली से अहमदाबाद की यात्रा लगभग 4 घंटे तक सिमट सकती है।
उन्होंने कहा कि अहमदाबाद-उदयपुर-अजमेर-जयपुर-दिल्ली मार्ग पर प्रस्तावित बुलेट ट्रेन न केवल राजस्थान और गुजरात के बीच आवागमन को नई गति देगी, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन एवं वेडिंग डेस्टिनेशन उदयपुर को भी राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाएगी। उदयपुर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी, हेरिटेज सिटी तथा डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में स्थापित है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
कुम्भट ने बताया कि इस परियोजना से क्षेत्र के हस्तशिल्प, मार्बल, खनिज, होटल, पर्यटन एवं सेवा क्षेत्रों को भी व्यापक आर्थिक लाभ मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा से मेवाड़ क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
उदयपुर सिटीज़न सोसाइटी ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पुनः प्राथमिकता सूची में शामिल कर इसके सर्वेक्षण, व्यवहार्यता अध्ययन एवं अन्य लंबित कार्यों को शीघ्र गति प्रदान की जाए, ताकि दक्षिणी राजस्थान को देश की हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने का सपना साकार हो सके।
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