उदयपुर, 20 जून। सहस्त्र औदीच्य समाज, उदयपुर के तत्वावधान में समाज की साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक भव्य कवि सम्म...
उदयपुर, 20 जून। सहस्त्र औदीच्य समाज, उदयपुर के तत्वावधान में समाज की साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक भव्य कवि सम्मेलन एवं पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पत्रकार, कवि एवं ज्योतिषाचार्य सुनील दीक्षित ‘अकेला’ की ग़ज़ल संग्रह पुस्तक “दिल की गली से” का विमोचन समाज अध्यक्ष इंदिरा शर्मा, वरिष्ठ कवि किशन दाधीच तथा वरिष्ठ पत्रकार दिनेश भट्ट द्वारा किया गया। पुस्तक में सौ ग़ज़लों का संकलन है।
समाज के उपाध्यक्ष दिनेश दामोदरलाल दवे ने बताया कि पुस्तक विमोचन के पश्चात समाज अध्यक्ष इंदिरा शर्मा ने पूरी कार्यकारिणी की ओर से सुनील दीक्षित ‘अकेला’ का पगड़ी एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन सीमा दीक्षित ने किया।
पुस्तक विमोचन के बाद आयोजित कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवियों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं ने भी अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। कार्यक्रम की शुरुआत कपिल पालीवाल ने मां और बेटी पर आधारित भावपूर्ण रचनाओं से की। इसके बाद समाज अध्यक्ष एवं कवयित्री इंदिरा शर्मा ने समसामयिक विषयों पर छंद और दोहों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अशोक मंथन ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं से वाहवाही बटोरी, वहीं श्रेणीदान चारण ने राजस्थानी गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। उनका गीत “बेटी चली सासरे” श्रोताओं को विशेष रूप से पसंद आया। नाथद्वारा से आए गिरीश विद्रोही ने श्रृंगार रस से परिपूर्ण गीत “पूर्णमासी का चांद है” प्रस्तुत कर खूब दाद प्राप्त की।
कवि सुनील दीक्षित ‘अकेला’ ने अपनी चर्चित रचना “दिल की गली से ऐसे निकल...सुनाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया। वहीं कवि सम्मेलन का सफल संचालन करते हुए प्रकाश नागौरी ने अपनी रचना “आप ही हमसे मिलना न चाहें तो...” प्रस्तुत कर माहौल में नया रस घोल दिया। वरिष्ठ कवि किशन दाधीच ने पुस्तक की समीक्षा के साथ-साथ अपनी चर्चित रचनाओं एवं ग़ज़लों का पाठ कर खूब सराहना प्राप्त की।
कवि सम्मेलन देर रात तक चला और पूरे कार्यक्रम के दौरान समाज की कार्यकारिणी ने व्यवस्थाओं का सफल संचालन किया। कार्यक्रम में समाजजनों एवं साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अंत में समाज कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष दातार शंकर शर्मा ने सभी अतिथियों, कवियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सदैव नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

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