उदयपुर। सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उदयपुर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य व...
उदयपुर। सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उदयपुर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में "ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उदयपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार जोशी रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन का संदेश दिया।
अपने संबोधन में मनीष कुमार जोशी ने कहा, "नशे को 'ना' कहें, अपने सपनों को 'हाँ' कहें।" उन्होंने बताया कि नशा किसी भी प्रकार से आधुनिकता या स्टाइल का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन के साथ-साथ उसके उज्ज्वल भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा अपने लक्ष्य पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, उससे होने वाली शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक हानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें नशे से दूर रहकर अपने सपनों को साकार करने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य फादर ए. जॉन बॉस्को ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार जोशी का उपरना एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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