उदयपुर। देवेन्द्र धाम में चल रहे चातुर्मास में आज की धर्मसभा में डॉ. सुरेंद्र मुनि ने धर्म के वास्तविक स्वरूप और उसके जीवन में महत्व पर प्रक...
उदयपुर। देवेन्द्र धाम में चल रहे चातुर्मास में आज की धर्मसभा में डॉ. सुरेंद्र मुनि ने धर्म के वास्तविक स्वरूप और उसके जीवन में महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म केवल सुनने या पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को धर्म के सिद्धांतों को अपने आचरण में शामिल करना चाहिए, तभी जीवन में सच्चा परिवर्तन संभव है।उन्होंने कहा कि संसार में रहते हुए व्यक्ति अनेक कार्यों और जिम्मेदारियों में व्यस्त रहता है, लेकिन उसे अपने जीवन में धर्म के लिए भी समय निकालना चाहिए। धर्म का पालन करने से मनुष्य के भीतर संयम, सद्भाव और आत्मचिंतन की भावना विकसित होती है। केवल बाहरी दिखावे से धर्म की सार्थकता सिद्ध नहीं होती, बल्कि अपने व्यवहार और कर्मों में धर्म को अपनाना आवश्यक है।
डॉ. राजेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य का जीवन अनमोल है। इसे केवल सांसारिक कार्यों में व्यतीत करने के बजाय आत्मकल्याण की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। धर्म के प्रति श्रद्धा रखते हुए उसके सिद्धांतों का पालन करने से जीवन में शांति और संतोष की अनुभूति होती है।
मुनिजी ने कहा कि मनुष्य को लोभ, मोह और अहंकार से ऊपर उठकर अपने जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए प्रतिदिन कुछ समय धर्म, स्वाध्याय और आत्मचिंतन के लिए निकालना चाहिए। दिनेश चोरडिया का जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय मंत्री बनने की खुशी में समाज द्वारा अभिनंदन किया गया । प्रवचन के दौरान मंगल भावना व्यक्त करते हुए इंदौर सवाईमाधोपुर मुंबई कोटा चेन्नई लुधियाना से पधारे हुए समाजसेवियों का स्वागत किया गया और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
.jpg)
No comments