Page Nav

HIDE

Classic Header

{fbt_classic_header}

breaking news

latest

जयकारों से गूंजा ध्यानोदय तीर्थ, रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले शांतिनाथ प्रभु

क्षीर सागर से जल लाकर हुई नगर शुद्धि, दश लक्षण महापर्व की पूर्णाहुति पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब; 26 सितंबर को 108 औषधि कलशों से होगा महाभिषेक ...


क्षीर सागर से जल लाकर हुई नगर शुद्धि, दश लक्षण महापर्व की पूर्णाहुति पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब; 26 सितंबर को 108 औषधि कलशों से होगा महाभिषेक

उदयपुर। पर्वराज दश लक्षण महापर्व के पावन अवसर पर बलीचा स्थित ध्यानोदय तीर्थ क्षेत्र (श्री सुप्रकाशमति ध्यान केंद्र) में शुक्रवार को धर्म और भक्ति से ओतप्रोत विविध आयोजन हुए। इस अवसर पर श्री 1008 कामधेनु शांतिनाथ प्रभु की भव्य-दिव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा निकाली गई। भगवान शांतिनाथ प्रभु को सुसज्जित रथ में विराजमान कर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ नगर भ्रमण कराया। भगवान के जयकारों और मंगल मंत्रों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
ध्यानोदय तीर्थ क्षेत्र के ओमप्रकाश गोदावत ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान क्षीर सागर से जल लाकर नगर शुद्धि की गई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ प्रभु के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। नगर भ्रमण के पश्चात श्रीजी को विधि-विधानपूर्वक मंदिर में पुनः विराजमान कराया गया और शांतिधारा संपन्न हुई। शांतिधारा में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य श्री दीपक-शिल्पा जैन, प्रतापगढ़ परिवार को प्राप्त हुआ।
दश लक्षण महापर्व के समापन अवसर पर आयोजित दश लक्षण महा-मंडल विधान की पूर्णाहुति विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इसका पुण्यलाभ श्रीमती पल्लवी धवल जैन को प्राप्त हुआ। पल्लवी जैन द्वारा निर्जला 11 उपवास की कठिन तपस्या की जा रही है। वहीं जम्बू-आशा लक्ष्मण कंठालिया सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भी विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में पुण्यलाभ अर्जित किया।
प्रातःकाल श्री 1008 शांतिनाथ प्रभु का दिव्य पंचामृत महाअभिषेक हुआ, जिसमें सौधर्म इंद्र का पुण्यलाभ श्री उमेश-आशा जावरिया परिवार को प्राप्त हुआ।
आत्मशांति एवं विश्व शांति की मंगल भावना से आयोजित शांति धारा का सौभाग्य श्रीमती अलका विनोद रजावत को प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि अलका रजावत 32 उपवास की कठिन तपस्या कर रही हैं। इस अवसर पर अनेक इंद्र परिवारों ने भी धार्मिक क्रियाओं में पुण्यलाभ प्राप्त किया।
26 सितंबर को 108 सर्व औषधि कलशों से होगा महाभिषेक
ध्यानोदय तीर्थ में 26 सितंबर 2026 को प्रातः 7.15 बजे भगवान श्री शांतिनाथ प्रभु का 108 सर्व औषधि कलशों से दिव्य महाभिषेक आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
दश लक्षण महापर्व की पूर्णाहुति के अवसर पर तपस्वियों एवं पुण्यार्जक परिवारों की अनुमोदना की गई। आयोजन के माध्यम से सर्व जीवों के कल्याण, आत्मशुद्धि, अहिंसा और विश्व शांति की मंगल भावना व्यक्त की गई।

No comments