- गरबा की धुन पर थिरके कदम, औदिच्य समाज में परंपरा और उत्सवधर्मिता का सुंदर मेल - गरबा में झूमे महिलाएं और युवा, डांडिया की गूंज से गूंजा दू...
- गरबा की धुन पर थिरके कदम, औदिच्य समाज में परंपरा और उत्सवधर्मिता का सुंदर मेल
- गरबा में झूमे महिलाएं और युवा, डांडिया की गूंज से गूंजा दूदाजी का देवरा प्रांगण
उदयपुर, 17 अक्टूबर। श्री लक्ष्मीनारायण युवा परिषद एवं परशुराम गरबा मंडल की ओर से पुरोहितों की मादड़ी स्थित दुदाजी का देवरा मंदिर प्रांगण में समस्त औदिच्य समाज के सामूहिक गरबा उत्सव में छठे दिन को डांडियों की खनक के साथ देर रात तक समाजजनों खुब गरबा खेला।
अध्यक्ष जितेन्द्र गोन्दावत, महामंत्री जमनेश डूंगावत, कोषाध्यक्ष धमेन्द्र गोन्दावत, उपाध्यक्ष विजय डूंगावत ने सामूहिक रूप से बताया कि महिलाओं ने लाल रंग के परिधान पहनकर डांडिया किया वहीं पुरुषों से ब्लैक शर्ट एवं ब्ल्यू जींस पेंट में डांडिया रास किया। महोत्सव में पारंपरिक गीतों की धुन पर सभी ने गरबे का आनंद लिया। सर्वप्रथम माताजी की पहली आरती हुई। जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्तजन शामिल हुए। इसके बाद शुरू हुए डांडियों की खनक और गरबे के गानों ने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद माँ की भक्ति गीतों पर महिलाएं - पुरुष और बच्चों ने गरबा रस किया। प्रतियोगिता करवाई जिसमें बच्चों को परितोष देकर सम्मान दिया गया। नवरात्रि के 9 दिनों तक मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना हो रही है। रोज विशेष भोग अर्पित हो रहा है।
संस्थापक हीरालाल गोकलावत व पूर्व अध्यक्ष बंशीलाल पतावत, नारायण हीरावत ने संयुक्त रूप से बताया कि नवरात्रि के छठे दिन माताजी की महाआरती लक्ष्मीलाल- भंवरी देवी डूंगावत, रोशन, महेन्द्र डूंगावत परिवार द्वारा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहीं और दुर्गा माता की आराधना की। गरबा महोत्सव में विप्लव कुमार जैन बतौर अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
परशुराम गरबा मंडल के भोपाजी गणेशलाल ईडाणा ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, गरबा नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। उन्होने बताया कि समस्त औदिच्य समाज जन गरबा महोत्सव में भाग रहे है। प्रतिदिन समाजजनों द्वारा अलग-अलग प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
सांस्कृतिक मंत्री हितेश व्यास ने बताया कि हर दिन अलग-अलग थीम पर गरबा नृत्य आयोजित होगा। साथ ही, महिलाओं और युवाओं के लिए पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता भी आयोजित कर रहे है। गरबा होने के बाद बच्चों, युवा एवं महिलाओं के लिए कुर्सी रेस, चम्मच रेस, बोरी रेस सहित अलग-अलग प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस दौरान सैकड़ों समाजजन मौजूद रहे।
उदयपुर, 17 अक्टूबर। श्री लक्ष्मीनारायण युवा परिषद एवं परशुराम गरबा मंडल की ओर से पुरोहितों की मादड़ी स्थित दुदाजी का देवरा मंदिर प्रांगण में समस्त औदिच्य समाज के सामूहिक गरबा उत्सव में छठे दिन को डांडियों की खनक के साथ देर रात तक समाजजनों खुब गरबा खेला।
अध्यक्ष जितेन्द्र गोन्दावत, महामंत्री जमनेश डूंगावत, कोषाध्यक्ष धमेन्द्र गोन्दावत, उपाध्यक्ष विजय डूंगावत ने सामूहिक रूप से बताया कि महिलाओं ने लाल रंग के परिधान पहनकर डांडिया किया वहीं पुरुषों से ब्लैक शर्ट एवं ब्ल्यू जींस पेंट में डांडिया रास किया। महोत्सव में पारंपरिक गीतों की धुन पर सभी ने गरबे का आनंद लिया। सर्वप्रथम माताजी की पहली आरती हुई। जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्तजन शामिल हुए। इसके बाद शुरू हुए डांडियों की खनक और गरबे के गानों ने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद माँ की भक्ति गीतों पर महिलाएं - पुरुष और बच्चों ने गरबा रस किया। प्रतियोगिता करवाई जिसमें बच्चों को परितोष देकर सम्मान दिया गया। नवरात्रि के 9 दिनों तक मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना हो रही है। रोज विशेष भोग अर्पित हो रहा है।
संस्थापक हीरालाल गोकलावत व पूर्व अध्यक्ष बंशीलाल पतावत, नारायण हीरावत ने संयुक्त रूप से बताया कि नवरात्रि के छठे दिन माताजी की महाआरती लक्ष्मीलाल- भंवरी देवी डूंगावत, रोशन, महेन्द्र डूंगावत परिवार द्वारा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहीं और दुर्गा माता की आराधना की। गरबा महोत्सव में विप्लव कुमार जैन बतौर अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
परशुराम गरबा मंडल के भोपाजी गणेशलाल ईडाणा ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, गरबा नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। उन्होने बताया कि समस्त औदिच्य समाज जन गरबा महोत्सव में भाग रहे है। प्रतिदिन समाजजनों द्वारा अलग-अलग प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
सांस्कृतिक मंत्री हितेश व्यास ने बताया कि हर दिन अलग-अलग थीम पर गरबा नृत्य आयोजित होगा। साथ ही, महिलाओं और युवाओं के लिए पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता भी आयोजित कर रहे है। गरबा होने के बाद बच्चों, युवा एवं महिलाओं के लिए कुर्सी रेस, चम्मच रेस, बोरी रेस सहित अलग-अलग प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस दौरान सैकड़ों समाजजन मौजूद रहे।

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