उदयपुर, 14 अक्टूबर। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड, जयपुर के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्...
उदयपुर, 14 अक्टूबर। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड, जयपुर के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत उदयपुर एवं कोटा संभाग के विभिन्न जिलों में कार्यरत 25 पशुधन सहायकों का पांच दिवसीय आवासीय कृत्रिम गर्भाधान प्रत्यास्मरण प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ आज हुआ। उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने कहा कि पशुधन सहायक अपने तकनीकी ज्ञान में वृद्धि कर दक्षता का निर्माण करे। विभाग पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। डॉ. छंगाणी ने कहा कि विभाग की पशुओं की नस्ल सुधार के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम कृत्रिम गर्भाधान की सफलतापूर्वक क्रियान्वयन की जिम्मेदारी क्षेत्र में कार्यरत पशुधन सहायक की भी होती है। पशुपालकों के पशुओं का दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का माध्यम नस्ल सुधार कार्यक्रम की तकनीक में दक्षता प्राप्त करने से ही उन्हें लाभान्वित किया जा सकता है। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. पदमा मील ने बताया कि प्रायोगिक प्रशिक्षण में अत्यधिक ध्यान देकर उनके द्वारा की जाने वाली तकनीकी कमियों में सुधार करवाया जायेगा। प्रशिक्षण संयोजक डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में पशु प्रजनन संबंधी विभिन्न विषय वस्तुओं पर प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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