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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन पर दो दिवसीय हीरक जयन्ती समारोह बुधवार से, 1964 के एकात्म मानवदर्शंन साक्षी भी आएंगे

पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागड़े करेंगे शिरकत देश के विभिन्न राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागी लेंगे भाग...



पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागड़े करेंगे शिरकत

देश के विभिन्न राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागी लेंगे भाग 

दीनदयाल उपाध्याय ने उदयपुर में ही किया था इसका प्रतिपादन

उदयपुर 03 जून। प्रसिद्ध चिंतक व विचारक, भारतीय जनसंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रदत्त एकात्म मानवदर्शंन के साठ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति जयपुर, भूपाल नोबल्स संस्थान व राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानवदर्शंन - हीरक जयंती समारोह का आगाज बुधवार को प्रातः 10.30 बजे भूपाल नोबल्स विवि के सभागार होगा। 

पं दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष प्रो. मोहनलाल छीपा ने बताया कि एकात्म मानव दर्शन की विकास यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा स्वीकृत राष्ट्रवाद की अवधारणा से प्रारंभ होती है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राजस्थान में एकात्म मानवदर्शन का प्रतिपादन महाराणा प्रताप की जन्मभूमि उदयपुर से किया। यह बीज मंत्र आगे चलकर भारतीय जनसंघ के सिद्धांत एवम नीति का अधिकृत दस्तावेज बना। इस वैचारिक विकास प्रक्रिया में सर्वाधिक योगदान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिक्षा वर्गों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिए गए बौद्धिक वर्गों का रहा। इसी संदर्भ में राजस्थान संघ शिक्षा वर्ग में 4-5 जून 1964 को उदयपुर के भूपाल नोबल्स कॉलेज में दिए गए व्याख्यानों का रहा। ध्यातव्य है कि मुंबई में  एकात्म मानवदर्शन सिद्धांत पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 22-25 अप्रैल 1965 कुल 4 भाषण दिए और तब से एकात्म मानव दर्शन पर चर्चा प्रारंभ होने लगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानव दर्शन की अवधारणा को प्रचलन में आए 60 वर्ष हो गए हैं। इस वर्ष देशभर में एकात्म मानव दर्शन के प्रतिपादन की हीरक जयंती समारोह आयोजित करने का निश्चय लिया गया है जिसके अंतर्गत देशभर में 4 बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाना निश्चित हुआ है। इस संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में देशभर के विद्वान, वक्ताओं द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बहुआयामी व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 

कुलपति कर्नल प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत ने बताया कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में दोनों दिन सायं 6 बजे सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन होगा जिसमें प्रतिभागियों के अलावा शहर के प्रबुद्ध नागरिक इसमें भाग लेंगे। पहले दिन के समारोह के मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्य वक्ता एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ. महेश चंद्र शर्मा, विशिष्ठ अतिथि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ होंगे। 

दूसरे दिन के सार्वजनिक समारोह के  मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े,  मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार टोली सदस्य मुकुल कानिटकर, राजस्थान सरकार के मंत्री गौतम कुमार दक होंगे। 

प्रबंध निदेशक मोहब्बत सिंह राठौड़ ने बताया कि दो दिवसीय समारोह में देश के 300 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। संगोष्ठी में संपूर्ण भारत के चयनित  शोधार्थियों के शोध पत्रों का वाचन होगा। राजस्थान में एकात्म मानव दर्शन के उद्भव के साक्षी महानुभावों को भी सम्मानित किया जाएगा साथ ही  कार्यक्रम में अमित व्यास एवं  साथियों द्वारा दीनदयाल जी पर आधारित लघु नाटिका की भी प्रस्तुति दी जाएगी।

मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह आगरिया ने बताया कि भूपाल नोबल्स संस्थान 103 वर्ष पूरानी संस्था है जहॉ अनेक महापुरूषों ने अपना जीवन यहॉ से शुरू किया है और यह उनकी कर्मभूमि रही है स्मृति को पुनः याद करने के उद्देश्य से यह समारोह यहॉ आयोजित किया जा रहा है। सार्वजनिक कार्यक्रम व 1964 के एकात्म मानवदर्शंन साक्षियों का भी सम्मान किया जायेगा। 

इन विषयों पर होगा मंथन

प्रबंध निदेशक मोहब्बत सिंह राठौड़ बताया कि दो दिवसीय समारोह के विभिन्न तकनीकी सत्रों में राजनीतिज्ञ पंडित दीनदयाल उपाध्याय, पत्रकार और साहित्यकाररू पंडित दीनदयाल उपाध्याय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय संस्थान एवं गैर सरकारी संगठन, वर्तमान संदर्भ में एकात्म मानव दर्शन की प्रासंगिकता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विविध विचारों की प्रासंगिकता एवं करणीय कार्य, शिक्षा एवं भाषा के क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, अर्थ चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय, एकात्म मानव दर्शन के क्रियान्वयन के लिए अनुवर्ती कार्य विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा मंथन होगा। 

इस अवसर पर कुलाधिपित प्रो. कन्हैयालाल बेरवाल, रजिस्ट्रार डॉ. एन.एन. सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, देहात अध्यक्ष पुष्कर तेली, संयुक्त मंत्री राजेन्द्र सिंह, आयोजन सचिव डॉ. युवराज सिंह राठौड, डॉ. अक्षांश भारद्वाज, डॉ. अनिल कोठारी, नीरज कुमावत, डॉ. विजय प्रकाश विप्पलवी सहित सदस्य उपस्थित थे।

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