उदयपुर, 31 अगस्त: झीलों की नगरी उदयपुर के सिल्वर रेजीडेंसी में गणेश उत्सव का पांच दिवसीय भक्ति पर्व श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के स...
उदयपुर, 31 अगस्त: झीलों की नगरी उदयपुर के सिल्वर रेजीडेंसी में गणेश उत्सव का पांच दिवसीय भक्ति पर्व श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ संपन्न हुआ। पूरे आयोजन में भक्तिमय माहौल के बीच गणपति बप्पा की प्रतिमा की स्थापना से लेकर प्रतिदिन भजन, नृत्य और सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। रविवार को ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयकारों के बीच धूमधाम से गणपति विसर्जन किया गया।
विसर्जन शोभायात्रा में रेजीडेंसी के सभी सदस्य उत्साहपूर्वक शामिल हुए। अध्यक्ष छगन सिंह, मैनेजर जे.पी. जैन, नरेंद्र सिंह दलावत, महिपाल सिंह, प्रताप सिंह, लोकेश सिंह, कुलदीप सिंह, संजय आमेटा, ओमगिरी गोस्वामी और विपुल पांडिया ने आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाई। वहीं महिला शक्ति ने भी पूरे मनोयोग से भागीदारी की। दुर्गा कुंवर शर्मा, हेमलता कुंवर, सविता कुंवर, मीना कुंवर, हेमलता लोहार, एडवोकेट उमा तुर्किया, ज्योति डांगी और नेहा पंड्या ने आरती और भक्ति गीतों से माहौल को भक्तिरस में डुबो दिया।
नन्हें बच्चों ने भी रंगारंग प्रस्तुतियों से उत्सव को जीवंत बना दिया। काव्या, रिद्धि, रुही, कल्प, चित्रांश और जगदीश सहित अन्य बच्चों ने गीतों और नृत्य से सभी का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में पंडित हिम्मत राजगुरु और कमलेश राजगुरु ने वेद मंत्रों और विधिवत पूजन के साथ धार्मिक रस्में पूरी करवाईं।
पांच दिनों तक सिल्वर रेजीडेंसी भक्तिरस और आनंद में डूबा रहा। अंतिम दिन बप्पा को विदा करने के दौरान भावुकता और उल्लास दोनों का अनोखा संगम देखने को मिला। भक्तों ने कहा— “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”

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