उदयपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर राजस्थान भर में पतंग उत्सव पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। सूर्य के उत्तरायण हो...
उदयपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर राजस्थान भर में पतंग उत्सव पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। सूर्य के उत्तरायण होने के इस पर्व पर आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सजा रहा और नागरिकों ने हर्षोल्लास के साथ सहभागिता निभाई।राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड की झामर-कोटड़ा रॉक फास्फेट खदान क्षेत्र में भी मकर संक्रांति एवं पतंग उत्सव का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व आर के शर्मा, समूह महाप्रबंधक, त्ैडडस् झावर-कोटड़ा एव राजीव वर्मा,महाप्रबंधक ख़ान के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने सामूहिक रूप से भाग लिया।
इस अवसर पर खान एवं भूविज्ञान विभाग, राजस्थान के खनि अभियंता आसिफ मोहम्मद अंसारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने मकर संक्रांति के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित पतंगबाजी, पर्यावरण संरक्षण तथा पक्षी सुरक्षा हेतु इको-फ्रेंडली मांझे के उपयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक तिल-गुड़, गजक एवं मिठाइयों का आदान-प्रदान किया गया तथा सामूहिक सौहार्द एवं टीम भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।
मकर संक्रांति एवं पतंग उत्सव राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक सहभागिता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। त्ैडडस् झावर-कोटड़ा द्वारा इस आयोजन से कार्यस्थल पर आपसी सौहार्द एवं सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा मिला।

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