जयपुर। स्वच्छ भारत मिशन शहर राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता द्वारा मंगलवार प्रातः प्रदेश की सबसे ब...
जयपुर। स्वच्छ भारत मिशन शहर राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता द्वारा मंगलवार प्रातः प्रदेश की सबसे बड़ी निकाय नगर निगम जयपुर सभागार में स्वच्छ भारत मिशन आमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को अब एक जन आंदोलन बनाना है। इसके लिए जनता के साथ-साथ इस मिशन से जुड़े हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आपकी शत प्रतिशत भागीदारी के बिना इसमें वांछनीय लक्ष्य प्राप्ति संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में विकसित राजस्थान बनेगा
गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संकल्प है कि हमारा राज्य समृद्ध और विकसित बने जिसके लिए स्वच्छ भारत मिशन अभियान सबसे प्राथमिक कड़ी का कार्य करता है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में गत वर्ष आयोजित राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम जिसमें लगभग 30 हजार करोड रुपए से अधिक का निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए जिसमें से 8 हजार करोड़ के एमओयू पर काम भी प्रारंभ हो गया है, यह राजस्थान के लिए बहुत बड़ा गौरव का विषय है जिसका सारा श्रेय राजस्थान यशस्वी मुख्यमंत्री को जाता है इससे राजस्थान समृद्ध और विकसित राजस्थान बनेगा तथा हम सबको मिलकर स्वच्छ राजस्थान बनाना होगा।
मुख्यमंत्री को दिया जा रहा है फीडबैक, जीरो टॉलरेंस नीति के साथ काम होगा
गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर स्वच्छ भारत मिशन शहर के तहत विभिन्न निकायों में ली जा रही बैठकों के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा रही है और हमारे द्वारा प्रत्येक निकाय के अधिकारियों की कार्यशैली के संबंध में फीडबैक दिया जा रहा है। हमारे द्वारा पिछले 1 महीने के भीतर 17 जिलों की 90 निकायों में बैठके आयोजित की गई है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि स्वच्छता के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और जीरो टॉलरेंस नीति के साथ में काम होगा।
सुशासन की पहली सीढ़ी है स्वच्छता
गुप्ता ने कहा कि सुशासन अर्थात जनता को एक लोक कल्याणकारी शासन व्यवस्था का अनुभव होना चाहिए जिसके लिए स्वच्छ भारत मिशन पहली सीढ़ी का कार्य करता है। स्वच्छता आम जनता के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। जहां स्वच्छता होगी वहां पर गंदगी और बीमारियां नहीं रहेगी जिससे लोग भी स्वस्थ रहेंगे शासन व्यवस्था को भी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना जैसी मेडिक्लेम योजनाएं संचालित करनी पड़ती है जिसमें सरकार का करोड़ों रुपया खर्च होता है। स्वच्छता होने पर लोग बीमार नहीं पढ़ेंगे तो ऐसी योजनाओं में खर्च होने वाली राशि अन्य आधारभूत विकास कार्यों में खर्च हो सकेगी।

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