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भीलवाड़ा एडीपीसी डॉ.शर्मा के खिलाफ सीएम,चीफ सेक्रेटरी और डीजी को शिकायत

भीलवाड़ा‌ एडीपीसी द्वारा पत्रकार के विरुद्ध झूठी शिकायत का मामला गरमाया, पत्रकार संगठनों में रोष ​उदयपुर/समग्र शिक्षा भीलवाड़ा की अतिरिक्त ज...


भीलवाड़ा‌ एडीपीसी द्वारा पत्रकार के विरुद्ध झूठी शिकायत का मामला गरमाया, पत्रकार संगठनों में रोष

​उदयपुर/समग्र शिक्षा भीलवाड़ा की अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) डॉ. कल्पना शर्मा द्वारा वरिष्ठ पत्रकार एवं ऑल इंडिया पत्रकारिता संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चेतन ठठेरा के विरुद्ध दर्ज करवाई गई शिकायत को लेकर पत्रकारों में भारी रोष है। इस मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उदयपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की गई है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा एडीपीसी डॉ. कल्पना शर्मा को विभागीय लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे। इन तथ्यों और भीलवाड़ा के ठेकेदारों द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. चेतन ठठेरा ने समाचार प्रकाशित किए थे।

​आरोप है कि इन समाचारों से बौखलाकर एडीपीसी ने जिला कलेक्टर और पुलिस थानों में डॉ. ठठेरा के खिलाफ यह कहते हुए शिकायत दर्ज करवाई कि उनका फोटो प्रकाशित कर उन्हें बदनाम किया गया है।

​ज्ञापन में उठाए गए मुख्य बिंदु

​सार्वजनिक फोटो पर विवाद निराधार: ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि जिस फोटो पर आपत्ति जताई गई है, वह सोशल मीडिया पर पहले से सार्वजनिक था। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत स्वयं द्वारा सोशल मीडिया पर डाला गया फोटो सार्वजनिक श्रेणी में आता है।

​दबाव बनाने की राजनीति: पत्रकारों का आरोप है कि अधिकारी अपनी अनियमितताओं को छिपाने और भविष्य में ऐसी खबरें रोकने के लिए चौथे स्तंभ पर अनावश्यक दबाव बना रही हैं।

​तथ्यात्मक पत्रकारिता: प्रकाशित समाचार पूरी तरह से आधिकारिक नोटिस और जनहित से जुड़ी शिकायतों पर आधारित था।

​"लोकतंत्र में पत्रकारों को दबाने की कोशिश अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा प्रहार है। यदि इस मामले में अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही नहीं हुई, तो प्रदेशभर के पत्रकार उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।"

— प्रतिनिधि, पत्रकार संघ

​प्रशासन को चेतावनी

​ज्ञापन की प्रतियां मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई हैं। पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर इस 'भ्रामक शिकायत' को निरस्त कर दोषी अधिकारी पर कार्यवाही नहीं की गई, तो यह मुद्दा प्रदेश स्तर पर उठाया जाएगा।

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