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महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति द्वारा ऐतिहासिक दांडी मार्च की स्मृति में दांडी मार्च का आयोजन

उदयपुर, 12 मार्च। महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति, उदयपुर द्वारा जिला संयोजक पंकज कुमार शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार को ऐतिहासिक दांडी मार्च ...



उदयपुर, 12 मार्च। महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति, उदयपुर द्वारा जिला संयोजक पंकज कुमार शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार को ऐतिहासिक दांडी मार्च की स्मृति में दांडी मार्च का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत गुलाब बाग स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने गांधीजी को पुष्प अर्पित किए तथा उनके प्रिय भजनों का सामूहिक गायन किया। विशेष रूप से गांधीजी का प्रिय भजन “वैष्णव जन तो तेने कहिए” गाते हुए सभी प्रतिभागियों ने सिर पर गांधी टोपी पहनकर पदयात्रा प्रारम्भ की। यह पदयात्रा गुलाब बाग स्थित गांधी प्रतिमा स्थल से प्रारम्भ होकर सूरजपोल, बापू बाजार होते हुए देहलीगेट स्थित शहीद शांति-आनंदी स्मारक तक पहुँची। मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने गांधीजी के आदर्शों, अहिंसा और सत्याग्रह के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

देहलीगेट स्थित शहीद शांति-आनंदी स्मारक पर पहुँचकर “गांधी का ग्राम स्वराज्य” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के जिला संयोजक पंकज कुमार शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम स्वराज्य की अवधारणा आज भी भारत के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि गांधीजी का सपना आत्मनिर्भर गांवों के माध्यम से एक सशक्त और मजबूत राष्ट्र का निर्माण करना था। साथ ही उन्होंने दांडी मार्च के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह यात्रा ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के विरुद्ध सत्याग्रह और अहिंसक संघर्ष का प्रतीक थी।

कार्यक्रम में समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर अशोक तंबोली, भगवती प्रजापत, गोविंद सक्सेना, जगदीश नागदा, उत्तम प्रकाश देवड़ा, कन्हैयालाल मेनारिया, सुधीर जोशी, फिरोज अहमद शेख, संजय मंदवानी, बालू सालवी, महेंद्रनाथ पुरोहित, लोकेश गुर्जर, नारायण शर्मा, प्रमोद वर्मा, मोहनलाल लक्षकार, शिवराज सिंह राठौड़, ओमप्रकाश सहित सैकड़ों समिति सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में देहलीगेट स्थित शहीद स्मारक पर शांति-आनंदी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य गांधीजी के विचारों, सत्य, अहिंसा और ग्राम स्वराज्य की भावना को समाज में पुनः जागृत करना था। अंत में कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अशोक तंबोली द्वारा किया गया।

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