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साधना के शिखर पुरुष विश्व संत उपाध्याय पुष्कर मुनि जी महाराज का 33 वां पुण्य स्मरण दिवस मनाया

उदयपुर। रविवार को तारक गुरु ग्रंथालय की सभागार में महती धर्म सभा में गुरु पुष्कर के साधनामय जीवन को नमन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आग...



उदयपुर। रविवार को तारक गुरु ग्रंथालय की सभागार में महती धर्म सभा में गुरु पुष्कर के साधनामय जीवन को नमन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आगाज डॉ. सुरेंद्र मुनि द्वारा सामूहिक सस्वर महामंत्र नवकार जाप द्वारा किया गया ।उनके जीवन प्रसंग में अपने ही शिष्य को आचार्य पद पर प्रतिष्ठित करने का आशीर्वाद देने वाले महागुरु को नमन किया । सोहन कुमार महिला समिती की सदस्याओ ने मंगलाचरण  किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष रमेश मुनि, प्रवर्तक राजेंद्र मुनि , उप प्रवर्तक मधुर वक्ता सन्मति मुनी डा. सुरेंद्र मुनि जी के अलावा जैन साध्वी निधि जी ,सुलोचना जी, डाॅ. राजश्री जी  डॉ. सुलक्षणा जी आदि 13 साधु साध्वीवृन्द  ने गुरु पुष्कर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को उनके बतलाये मार्ग के अनुकरण की प्रेरणा दी।

करीब 33 वर्ष पूर्व उदयपुर के इसी पावन स्थल श्री तारक  गुरू ग्रंथालय में उनके देवलोक गमन व समाधि संथारा व्रत का एवं आचार्य देवेंद्र मुनि के चादर महोत्सव का वर्णन पर प्रकाश डाला ।

उसके पश्चात करीब 1000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति में ग्रंथालय के महामंत्री रमेश खोखावत ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए समाज के प्रतिष्ठित व प्रबुद्ध जनों को गुणानुवाद के लिए आमंत्रित किया ।

इस अवसर पर  ग्रंथालय  अध्यक्ष राजकुमार  बोहरा व जैन कॉन्फ्रेंस राजस्थान प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. पुष्पा जैन खोखावत ने गुणानुवाद करते हुए बताया  कि गुरू पुष्कर महामंत्र के अन्य आराधक थे । श्रद्धालुओं की आधी व्याधि सभी उनके मंगल पाठ से दूर हो जाया करती थी।

समाज सेविका शशि भंडारी, विनीता ओरडिया ,प्रकाश वर्डिया, विपुल भोगर, रोशन लाल जैन,  दिनेश चोरडिया  कांतिलाल जैन आदि भक्तगणों ने इस प्रसंग पर अपने भाव व्यक्त कर  गुरु पुष्कर की महत्ता पर प्रकाश डाला।

 पूर्व महापौर रजनी डांगी ने अपने जीवन में घटित घटना का उल्लेख कर गुरु पुष्कर को नमन किया। तारक गुरु ग्रंथालय की इस धर्म सभा में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने गुरु पुष्कर के जीवन के संस्मरण बताते हुए उनकी साधना का स्मरण किया और कहा कि वे संसार के बाहरी वातावरण से दूर रहते हुए अपनी साधना से जीवन को ऊर्जावान बना गए। उनके मंगल आशीर्वाद पाकर अनेकों श्रावकों ने धर्ममार्ग व नियम की प्रतिपालना की और मैं भी उनमें से एक हूं जो राजनीति से ऊपर उठकर उनका मार्गदर्शन पाता रहा। समाज के द्वारा समाजसेवी शंकर लाल जी डांगी एवं लक्ष्मी लाल जी वीरवाल का सम्मान किया गया। आभार की रस्म तारक गुरु जैन ग्रंथालय के महामंत्री रमेश खोखावत ने अदा की।

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