जयपुर 20 अप्रैल। समाज में खौफ पैदा करने वाली और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली जघन्य वारदातों के खिलाफ राजस्थान पुलिस के सख्त रुख का पर...
जयपुर 20 अप्रैल। समाज में खौफ पैदा करने वाली और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली जघन्य वारदातों के खिलाफ राजस्थान पुलिस के सख्त रुख का परिणाम आज अजमेर न्यायालय में देखने को मिला। गेगल थाना क्षेत्र में एक युवक का अपहरण कर उसकी नाक काटने के वीभत्स मामले में माननीय न्यायालय जे.एम. नम्बर 02 अजमेर ने सोमवार 20 अप्रैल को सभी 8 आरोपियों को 3-3 साल के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि घटना 18 मार्च 2023 की है, जब परिवादी हमीद खान और उसकी पत्नी का अनसल सिटी चांदियावास से आरोपियों ने अपहरण कर लिया था। आरोपी पीड़ित को गाड़ी में डालकर मारोठ ले गए, जहाँ लाठी-सरियों से बेरहमी से मारपीट की ओट परिवादी की नाक दातली से काट दी और उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद आरोपी पीड़ित को नावा चौराहे पर पटक कर फरार हो गए थे।
12 घंटे में गिरफ्तारी और केस ऑफिसर स्कीम का असर
घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थानाधिकारी सुनील कुमार बेड़ा के नेतृत्व में पुलिस ने मात्र 12 घंटों के भीतर सभी आरोपियों को दस्तयाब कर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया था। ऐसे जघन्य अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस ने इस प्रकरण को 'केस ऑफिसर स्कीम' के तहत लिया। प्रकरण में सहायक उप निरीक्षक कमल किशोर को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया, जिन्होंने न्यायालय में नियमित पैरवी कर अभियोजन के साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया।
इन आरोपियों को मिली सजा
न्यायालय ने प्रकाश खान, अजीज खान, इकबाल खान, हुसैन मोमिन, आमीन, सलीम और सराज सहित कुल 8 आरोपियों को अपहरण, जानलेवा हमला और गंभीर चोट पहुँचाने का दोषी मानते हुए दंडित किया है। सजा के साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। इस पूरे प्रकरण के खुलासे, सटीक अनुसंधान और आरोपियों को सजा के मुकाम तक पहुँचाने में पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार बेड़ा, कांस्टेबल रिश्वेन्द्र सिंह और केस ऑफिसर एएसआई कमल किशोर की उत्कृष्ट भूमिका रही।
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