अस्पतालों में लू-तापाघात से बचाव व उपचार की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश उदयपुर, 15 अप्रैल। राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और मौसम विभ...
अस्पतालों में लू-तापाघात से बचाव व उपचार की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
उदयपुर, 15 अप्रैल। राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और मौसम विभाग की ओर से चेतावनी को देखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार के निर्देशों के क्रम में जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। हीटवेव के दौरान आमजन तथा पशुधन को प्रभावित होने से बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।नोडल अधिकारी नियुक्त
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राजस्थान सहित देश के 23 राज्यों को हीट वेव के प्रति संवेदनशील घोषित किया है। इसी के तहत राजस्थान में राहत आयुक्त को राज्य स्तर पर हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करने और उसे जिला स्तर पर लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के आदेशानुसार जिले में हीट वेव प्रबंधन के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो जिले में लू से बचाव की तैयारियों, जन-जागरूकता और राहत कार्यों की सीधे निगरानी करेंगे। इसके अलावा प्रशासन की ओर से आमजन को लू-तापाघात से बचाव को लेकर जागरूक करने के लिए भी विविध आईईसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिले के सभी उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों, नगर निगम आयुक्त और स्वास्थ्य विभाग सहित 12 प्रमुख विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
आमजन से अपील
जिला प्रशासन ने आमजन के राहत हेतु गर्मी/लू-ताप की लहर के दौरान भारत एवं राज्य सरकार द्वारा तैयार क्या करें और क्या न करें गाइडलाइन जारी की है। साथ ही किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार लेने की भी अपील की है।
विभागों को भी निर्देश जारी
हीट वेव के दौरान मूलभूत सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए जिला कलक्टर ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लू से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाएं रखने और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विद्युत निगम एवं पीएचईडी को निर्बाध बिजली एवं पेयजल की आपूर्ति बनाए रखने, पशुपालन एवं कृषि विभाग को मूक पशुओं और फसलों के बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय निकायों को आवश्यकतानुसार सार्वजनिक स्थलों पर छाया, पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
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