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हिंदुस्तान जिंक द्वारा राजपुरा दरीबा माइन में स्मार्ट ऑपरेशंस को बढ़ावा, टेली-रिमोट माइनिंग की शुरूआत

यह टेक्नोलॉजी  600  मीटर तक सतह से नियंत्रित ड्रिलिंग करने में सक्षम बनाती है ,  जिससे  60  मीटर प्रति घंटा की कार्यक्षमता और उत्पादकता में ...


यह टेक्नोलॉजी 600 मीटर तक सतह से नियंत्रित ड्रिलिंग करने में सक्षम बनाती हैजिससे 60 मीटर प्रति घंटा की कार्यक्षमता और उत्पादकता में 17 प्रतिशत वृद्धि संभव

उदयपुर, 8 अप्रैल।भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक कंपनी हैने राजपुरा दरीबा माइन में एडवांस्ड टेली-रिमोट ड्रिलिंग सिस्टम की शुरूआत कर अपनी माइनिंग क्षमताओं को और मजबूत किया है। यह कदम स्मार्टडिजिटल रूप से सक्षम भूमिगत ऑपरेशंस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करता हैजो इनोवेशनऑटोमेशन और ऑपरेशनल उत्कृष्टता पर कंपनी के निरंतर फोकस को और सशक्त करता है।

टेली-रिमोट ड्रिलिंग इंजीनियर्स को सतह से भूमिगत उपकरणों को रियल-टाइम सटीकता के साथ संचालित करने की सुविधा देती है। वर्तमान में यह 600 मीटर से अधिक  की दूरी तक प्रभावी हैजिसे 800 मीटर तक बढ़ाया जा सकता हैयह 60 मीटर प्रति घंटे की दर से काम करती है। मजबूत वायरलेस कनेक्टिविटी द्वारा सक्षमयह ब्लास्टिंग चक्रों और शिफ्ट के दौरान निरंतर ड्रिलिंग सुनिश्चित करती हैजिससे उपयोग और दक्षता में सुधार होता हैऔर कुल उत्पादकता में 17 प्रतिशत की वृद्धि संभव है।

यह टेक्नोलॉजी पहले से ही हिंदुस्तान जिंक की विश्व-स्तरीय सिंदेसर खुर्द और रामपुरा अगुचा खदानों में सफलतापूर्वक संचालित हैजहाँ इसने सुरक्षाउपकरणों के उपयोग और उत्पादन दक्षता में सुधार लाने में उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं। राजपुरा दरीबा में इसका कार्यान्वयन हिंदुस्तान जिंक के ऑपरेशंस में उच्च-प्रदर्शन वाली माइनिंग टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर लागू करने की दिशा में एक और कदम हैजिसका उद्देश्य लगातार विश्व-स्तरीय उत्पादन सुनिश्चित करना है।

इस उपलब्धि पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ और होल-टाइम डायरेक्टरअरुण मिश्रा ने कहा कि, “राजपुरा दरीबा में टेली-रिमोट सिस्टम की तैनातीऑटोमेशन और डिजिटल इनोवेशन से संचालित स्मार्टभविष्य के लिए तैयार माइनिंग सिस्टम बनाने पर हमारे फोकस को दर्शाती है। अपने ऑपरेशन्स में एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज को इंटीग्रेट करकेहम परफॉर्मेंसविश्वसनीयता और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ा रहे हैंसाथ ही भारत में माइनिंग इंडस्ट्री के लिए नए बेंचमार्क भी स्थापित कर रहे हैं।”

हिंदुस्तान जिंकएडवांस्ड टेक्नोलॉजीज को तैनात कर मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में इनोवेशन को लगातार आगे बढ़ा रहा हैजो सुरक्षादक्षता और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ाती हैं। वर्तमान मेंहिंदुस्तान जिंक वी स्पार्क डीपटेक वेंचर्स  के माध्यम से 20 से अधिक टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स के साथ 50 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। कंपनी उत्पादन वृद्धिलागत अनुकूलनमूल्य निर्माणईएसजी (पर्यावरणसामाजिक और शासन) नेतृत्वऔर बेहतर सुरक्षा प्रथाओं सहित प्रमुख क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के साथ सहयोग करती है।

 हिंदुस्तान जिंक ने अपने ऑपरेशन्स में रोबोटिक्सआर्टिफिशियल इंटेलिजेंसब्लॉकचेन और इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स  जैसी तकनीकी उत्कृष्टता और इनोवेशन को शामिल किया है। हाल ही मेंकंपनी ने अपने ऑपरेशन्स में एक एडवांस्ड एआई -संचालित कैमरा निगरानी प्रणाली को लागू करने की घोषणा की। यह इनोवेटिव समाधान कार्यस्थल सुरक्षापरिचालन दक्षता और अनुपालन निगरानी सुनिश्चित करता हैजिसके परिणामस्वरूप मानवीय हस्तक्षेप में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अतिरिक्तकंपनी ने उच्च तापमान वाले स्मेल्टिंग ऑपरेशन्स में रोबोटिक ऑटोमेशन तैनात किया हैजिससे सटीकता बढ़ी हैधातुकर्म कार्यप्रवाह सुव्यवस्थित हुए हैंऔर उत्पाद की गुणवत्ता में निरंतरता सुनिश्चित हुई है। भविष्य की ओर देखते हुएहिंदुस्तान जिंक भूमिगत खदानों की मैपिंग की सटीकता को बढ़ाने और निष्कर्षण योजना को अनुकूलित करने के लिए एलआईडीएआर एण्ड सक्षम ड्रोन-आधारित स्टॉप स्कैनिंग शुरू करने के लिए तैयार है। इन इनोवेशन के माध्यम सेहिंदुस्तान जिंक भारत में माइनिंग के भविष्य को फिर से परिभाषित कर रहा है और इस इंडस्ट्री के लिए नए वैश्विक बेंचमार्क स्थापित कर रहा है।


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