मुख्य अतिथि प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक डॉ अनुराग सक्सेना ने बताया शायराना को नई पीढ़ी का संगीत का केंद्र उदयपुर। विश्व संगीत दिवस के अवसर प...
मुख्य अतिथि प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक डॉ अनुराग सक्सेना ने बताया शायराना को नई पीढ़ी का संगीत का केंद्र
उदयपुर। विश्व संगीत दिवस के अवसर पर शायराना परिवार का संगीत समारोह ऐश्वर्या कॉलेज में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक डॉ अनुराग सक्सेना रहे। अध्यक्षता इतिहासकार डॉ हुकुम राज जोशी ने की तथा समारोह के विशिष्ट अतिथि संगीतकार मुकेश वैष्णव, जितेन्द्र वर्मा व राकेश माथुर रहे।
संगीत प्रतियोगिता समारोह में उदयपुर सहित नागौर प्रतापगढ़ राजसमन्द नाथद्वारा चित्तौड़गढ़ डूंगरपुर भीलवाड़ा कपासन के संगीत कलाकारों ने भाग लेकर समारोह को बुलंदिया प्रदान की। कार्यक्रम प्रभारी एवम् गायक ललित गोयल ने बताया कि शायराना परिवार का समूह पिछले 15 वर्ष से साहित्य और संगीत की सामाजिक सेवा के निःशुल्क कार्यक्रम निरतंर आयोजित कर साहित्य संगीत की प्रतिभाओ को खुला मंच देकर साहित्य संगीत का सामाजिक बीजारोपण कर रहा है जिसमें राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों के राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भी जुड़े हुए है।
शास्त्रीय गायन,दोहे, छंद, गजल मुर्कियागायन लोकगीत, उम्दा फिल्मी गीत ,सूफ़ी गीत, भजन के साथ अपनी वाद्य कला को प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया जिसमे बड़ी उत्साह से भाग लेकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। शायराना उदयपुर परिवार के मुकेश वैष्णव, राकेश माथुर व जितेन्द्र वर्मा ने संगीत प्रतियोगिता समारोह का जजमेंट करते हुए कलाकारों की बेहतरीन कला प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए शायराना उदयपुर परिवार को सगीत का सशक्त माध्यम बताते हुए संस्कृति के संस्कारों का वाहक बताया। मुख्य अतिथि डॉ अनुराग सक्सेना ने शायराना परिवार कलाकारों को आगामी राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में कला प्रस्तुत करने का एक अवसर देने के साथ ही उनकी कला को अनुभवियांे द्वारा एक कार्यशाला आयोजित कर और निखारा जाने की घोषणा की।
समारोह की प्रस्तुति में उप शास्त्रीय गायन में मुकेश वैष्णव ने तानपूरे के साथ प्रस्तुत कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। श्रोताओं की मांग पर अनेक गीत सुनाए गए। संगीतकार डॉ राकेश माथुर ने तानपूरे पर विभिन्न रागों पर आधारित मुर्किया सुना कर वाह वही लूटी।
इस अवसर पर संस्थापक गीतांकर ने अतिथियों के आग्रह पर आगामी निःशुल्क संगीत कार्यशाला कार्यक्रम आमजन के लिए रखने की घोषणा की। संगीत प्रतियोगिता समारोह में जज के रूप में प्रतापगढ़ के संगीतकार मुकेश वैष्णव उदयपुर के राकेश माथुर,नागौर के जितेन्द्र वर्मा ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम में संगीत गायन के उच्च स्तरीय प्रदर्शन को देखते हुए निर्णायकों को प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देने को मजबूर होना पड़ा। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पंकज वीरवाल ने प्राप्त किया तथा दूसरा स्थान राजसमन्द के कुमार दिनेश तीसरा स्थान संयुक्त रूप से हेमा जोशी नीलम कौशिक रहे। विजेताओं को ट्रॉफी, उपर्णा, प्रमाण पत्र , उपहार तथा शायराना उदयपुर परिवार की निःशुल्क सदस्यता प्रदान की गई। कार्यक्रम का प्रभाव शाली संचालन छंद दोहों शेर शायरी मुक्तकों के साथ साहित्यकार आभा सिरसीकर ने किया और संगीत समारोह में चार चांद लगा दिए। विशिष्ट अतिथि डॉ हुकुम राज जोशी ने समारोह से उत्साहित होकर संगीत समाजविज्ञान संबंध पर विश्लेषण प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
संस्थापक मनोज गीतांकर ने शायराना उदयपुर परिवार को संगीत साहित्य के माध्यम से युवा समाज को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में अकाउंट ऑफिसर हेमंत सुर्यवंशी, लक्ष्मी आसवानी, जय किशन आसवानी, पंकज वीरवाल, डॉ विमल शर्मा, सोहन लाल, अजीत सिंह खींची, शिक्षाविद डॉ हुक्म राज जोशी शमिल शेख, शिक्षाविद् एकता नागदा, एस डी कौशल ललित गोयल नीलम कौशल भव्या अरोड़ा दीक्षा नाथ राठौड़ कमलेश कुमावत राजसमन्द के कुमार दिनेश हेमा जोशी एच काज़ी जिग्नेश शर्मा की शानदार गायकी ने समारोह को यादगार बना दिया।
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