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भाद्रपद संगीत उत्सव में गूंजे मधुर स्वर, सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति के साथ हारमोनियम छात्र जयेश पुष्करणा विजेता

उदयपुर। संगीत साधना, प्रतिभा और सांस्कृतिक रंगों से सजे भाद्रपद संगीत उत्सव एवं मासिक संगीत प्रतियोगिता का आयोजन अर्बुदा कला मंदिर संगीत प्र...

उदयपुर। संगीत साधना, प्रतिभा और सांस्कृतिक रंगों से सजे भाद्रपद संगीत उत्सव एवं मासिक संगीत प्रतियोगिता का आयोजन अर्बुदा कला मंदिर संगीत प्रशिक्षण संस्थान की ओर से उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। शाम 4 बजे से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा वातावरण सुर और ताल से गूंज उठा।

कार्यक्रम में समाजसेवी  दिनेश शर्मा मुख्य अतिथि तथा  ओमप्रकाश टांक, गजल गायक, गिटार वादक एवं शास्त्रीय गायक, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए संगीत साधना को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर बताया। राजस्थान निदेशक विवेक अग्रवाल ने बताया कि सर्वाधिक उपस्थिति का पुरस्कार गौरव माली को प्रदान किया गया सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का विजेता पुरस्कार जयेश पुष्करणा ने जीता।
गणेश वंदना से शुरू हुआ सुरमयी सफर
कार्यक्रम का शुभारंभ जयेश पुष्करणा की गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद सौम्य जैन ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मासिक संगीत प्रतियोगिता में जयेश पुष्करणा एवं गौरव माली ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में श्रीमती ज्योति मेघवाल एवं वीणा गुर्जर ने भजन प्रस्तुत किए, जबकि कार्तिक माली, मायरा, शाश्वी एवं जाह्नवी बंसल ने कीर्तन की प्रस्तुति दी। दक्ष एवं तीर्थ व्यास की हारमोनियम एवं कांगो की जुगलबंदी ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
अंकित चौधरी ने राग जौनपुरी की प्रस्तुति दी, वहीं सुग़ना गमेती ने गिटार पर पालनहारे की प्रस्तुति से मन मोह लिया। दिनेश शर्मा एवं जयेश खोखरा ने ढोलक वादन की शानदार प्रस्तुति दी।
इसके अलावा नीलम वैष्णव ने भजन, लक्ष्मी असवानी ने एक प्यार का नगमा है, जाह्नवी बंसल ने जापानी धुन, जाह्नवी सोनी ने वायलिन वादन तथा गहन टेंटवाल ने गिटार वादन प्रस्तुत किया।
विशेष प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में प्रवेश नगारची के नगाड़ा वादन  विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। अतिथि कलाकार जय किशन अश्विनी की प्रस्तुति को भी खूब सराहना मिली। वहीं तक्ष एवं तीर्थ व्यास द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति के साथ देशभक्ति का वातावरण बन गया।
कार्यक्रम के दौरान जन्मदिन विशेष छात्राओं का सम्मान भी किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही सर्वाधिक उपस्थित रहने वाले प्रतिभागी को भी विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
संगीत साधना को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम का मंच संचालन विवेक अग्रवाल ने किया। उन्होंने अपनी प्रभावशाली एंकरिंग और संगीत से जुड़े रोचक संवादों के माध्यम से कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।
अंत में प्राचार्य महेंद्र कुमार वर्मा ने अतिथियों, कलाकारों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित संगीतप्रेमियों का आभार व्यक्त किया।
भाद्रपद संगीत उत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब प्रतिभा को मंच और साधना को सही दिशा मिलती है, तो सुर केवल संगीत नहीं रहते, बल्कि संस्कृति और संस्कार की आवाज बन जाते हैं।

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