Page Nav

HIDE

Classic Header

{fbt_classic_header}

breaking news

latest

अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. संजय कुमार ने किया उदयपुर जिले की पशु चिकित्सा संस्थाओं का सघन औचक निरीक्षण

-लंपी स्किन डिजीज टीकाकरण समयबद्ध पूरा करने और औषधियों की उपलब्धता के दिए निर्देश; अनियमितता व अपूर्ण रिकॉर्ड संधारण पर अनुशासनात्मक कार्रवा...

-लंपी स्किन डिजीज टीकाकरण समयबद्ध पूरा करने और औषधियों की उपलब्धता के दिए निर्देश; अनियमितता व अपूर्ण रिकॉर्ड संधारण पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव निदेशालय भेजने के सख्त आदेश

उदयपुर, 17 सितंबर। निदेशालय पशुपालन विभाग,जयपुर राजस्थान के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. संजय कुमार ने विभागीय दल के साथ उदयपुर जिले की विभिन्न पशु चिकित्सा संस्थाओं का सघन औचक निरीक्षण किया। इस दौरान निरीक्षण दल द्वारा राजकीय पशु चिकित्सालय डबोक, प्रथम श्रेणी राजकीय पशु चिकित्सालय हिरणमगरी तथा राजकीय पशु चिकित्सा उप-केंद्र देबारी का आकस्मिक मुआयना किया गया। निरीक्षण में संस्थाओं की कार्यप्रणाली, कार्मिकों की दैनिक उपस्थिति, दवा वितरण व्यवस्था और विभागीय अभिलेखों की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त निदेशक डॉ. संजय कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पशुपालकों को राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त विभागीय योजनाओं, जन कल्याणकारी कार्यक्रमों एवं सु-सेवाओं का त्वरित, पारदर्शी और सुलभ लाभ सुनिश्चित कराया जाए।

लंपी स्किन डिजीज टीकाकरण एवं औषधियों की उपलब्धता पर विशेष जोर

डॉ. कुमार ने वर्तमान में राज्य के पूर्वी जिलों लंपी स्किन डिजीज (स्नउचल ैापद क्पेमंेम) को दृष्टिगत रखते हुए सावधानी बरतने के निर्देश प्रदान किए गए और टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए जिले भर में समयबद्ध एवं प्रभावी टीकाकरण के निर्देश दिये गये। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ग्रामीण व सुदूर क्षेत्रों की प्रत्येक पशु चिकित्सा संस्था तक आवश्यक जीवनरक्षक एवं नियमित औषधियों की निर्बाध आपूर्ति व समुचित उपलब्धता हर समय बनी रहे, ताकि किसी भी पशुपालक को निराश न लौटना पड़े। इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या सुस्ती बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

निरीक्षण के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश एवं चेतावनियां

कार्यालय समय एवं उपस्थिति की पाबंदीरू सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित हों। कार्यालय समय से पूर्व कार्यस्थल छोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्मिकों को समय पर उपस्थित रहकर क्षेत्र के पशुपालकों को समर्पित भाव से सेवाएं देने की सख्त हिदायत दी गई।

लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्तिरू विभिन्न विभागीय योजनाओं, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण तथा रोग नियंत्रण कार्यक्रमों के तहत संस्थाओं को आवंटित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

त्रुटिहीन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारणरू निरीक्षण के दौरान कई संस्थाओं में रिकॉर्ड संधारण की स्थिति अपूर्ण एवं अस्पष्ट पाए जाने पर डॉ. कुमार ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्मिकों को नियमों के अनुसार रिकॉर्ड के सही रख-रखाव व पंजिकाओं को अद्यतन करने की समुचित विधि समझाई।

अनियमितताओं पर कार्रवाई के सख्त आदेश

औचक निरीक्षण के दौरान जिन-जिन संस्थाओं में कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं तथा जहां रिकॉर्ड अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा संधारण में घोर लापरवाही पाई गई, उन संस्था प्रभारियों एवं संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने के आदेश दिए गए। इस संबंध में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. संजय कुमार ने अतिरिक्त निदेशक पशुपालन विभाग (उदयपुर संभाग) तथा संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग (जिला उदयपुर) को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि दोषी कार्मिकों व प्रभारियों के विरुद्ध अविलंब आरोप-पत्र या अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को प्रेषित किए जाएं।

संयुक्त निदेशक कार्यालय में आयोजित हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

संस्थाओं के निरीक्षण के उपरांत अतिरिक्त निदेशक डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में संयुक्त निदेशक कार्यालय, पशुपालन विभाग, उदयपुर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभाग एवं जिला स्तरीय अधिकारियों तथा योजना प्रभारियों के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। डॉ. कुमार ने सभी योजनाओं का गहन विश्लेषण करते हुए फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश प्रसारित किए। उन्होंने दो-टूक कहा कि शासकीय सेवा में कर्तव्य के प्रति लापरवाही अथवा पशुपालकों के हितों से समझौता करने वाले कार्मिकों व अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।

No comments