सात सत्रों में दो दिन चलेगा पूरा कार्यक्रम, समाज से जुडे विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा, 13 देशों से आएंगे प्रतिनिधि उदयपुर। लेकसिटी में आगामी...
सात सत्रों में दो दिन चलेगा पूरा कार्यक्रम, समाज से जुडे विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा, 13 देशों से आएंगे प्रतिनिधि
उदयपुर। लेकसिटी में आगामी 26 व 27 अक्टूबर 2024 को क्षत्रिय समाज के सर्व क्षत्रिय संगठनों के प्रतिनिधियों का सामूहिक वैश्विक क्षत्रिय महासम्मेलन का आयोजन मोहन लाल सुखाड़िया विश्व विधालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में होगा। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में महाराणा महेंद्र सिंह मेवाड़ एवं निरूपमा कंवर मेवाड़ भी शामिल होंगे जबकि दो दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न सत्रों में समाज की 50 से ज्यादा हस्तियां शरीक होंगी।
मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के अशोक सिंह मेतवाला, मुख्य संयोजक जालम सिंह राठौड व प्रबंध कर्ता प्रोफेसर दरियाव सिंह चुण्डावत ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के बिखरे हुए संगठनों को एक करना है। समस्त क्षत्रिय संगठनो के मध्य पारस्परिक समन्वय एवं सहयोग से सामाजिक विकास, वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष्य में क्षत्रिय समाज की भूमिका व क्षत्रिय समाज के आर्थिक विकास पर चर्चा, क्षात्र एवं सनातन धर्म रक्षार्थ क्षत्रिय समाज की जिम्मेदारी को लेकर समाज के प्रमुख संगठन व लोग चर्चा करेंगे।
इस महासम्मेलन का आयोजन समस्त क्षत्रिय संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहे है जिसमें प्रमुख सहयोग मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान उदयपुर का है। इसके मुख्य संयोजक जालम सिंह राठौड व प्रबंधन प्रोफेसर दरियाव सिंह चुण्डावत का है। पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के अशोक सिंह मेतवाला, बालू सिंह कानावत, कुलपति प्रो कर्नल शिवसिंह सारंगदेवांत, प्रताप सिंह झाला एवं गणपत सिह नारेता प्रमुख मार्गदर्शक हैं।
कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी हेमेन्द्र सिंह दवाणा, समन्वयक डा. जयसिंह जोधा ने बताया कि कार्यक्रम को सात सत्रों में विभाजित किया गया है जिसमें विषय विशेषज्ञ अलग-अलग सत्रों में अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसके लिए एक टेक्निकल कमेटी का गठन किया गया जिसके प्रभारी भवानी प्रताप सिंहझाला होंगे। 26 अक्टूबर को सुबह 10.30 बजे उद्धघाटन सत्र रहेगा जिसमें निरुपमा कुमारी मेवाड़ इस कांफ्रेंस का उद्घाटन करेंगी। इसके पश्चात दोपहर ढाई बजे से साढे चार बजे तक द्वितीय सत्र में क्षत्रिय समाज की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और उसका संरक्षण तथा तृतीय सत्र में शाम पोने पांच बजे से सवा 6 बजे तक वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष्य में क्षत्रिय समाज की भूमिका पर चर्चा होगी।
अगले दिन 27 अक्टूबर को सुबह 9.30 11.30ं बजे तक चतुर्थ सत्र में क्षत्रिय इतिहास विकृक्तिकरण की रोकथाम के उपायों पर चर्चा, सुबह 11.30ं बजे से 1.30 बजे तक पंचम सत्र में क्षत्रिय समाज के आर्थिक शैक्षणिक व सामाजिक विकास में चुनौतियां व उनका समाधान तथा दोपहर 2.30 बजे से 4.00 तक षष्ठम सत्र में समस्त क्षत्रिय संगठनो के मध्य पारस्परिक समन्वय स्थापना पर विचार व कार्ययोजना पर चर्चा होगी। इसके बाद समापन सत्र होगा।
इस क्षत्रिय सम्मलेन में 13 देशों तथा 158 संगठनों के देश विदेश से क्षत्रिय समाज जन भाग लेंगे। राष्ट्रीय व अंतरास्ट्रीय स्तर के क्षेत्रिय संगठनों जैसे विश्व क्षत्रिय महासभा, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, सभी करणी सेना व अन्य राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय संगठनों के पदाधिकारियों सहित मेवाड़ की क्षत्रिय समाज की प्रतिनिधि सभा मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के सभी जिला व तहसील इकाइयों के पदाधिकारी, वागड़ क्षत्रिय महासभा, मारवाड़ राजपूत सभा, राजपूत सभा जयपुर, श्री क्षत्रिय युवक संघ, जोहर स्मृति संस्थान चित्तौड़गढ़, कुम्भा ट्रस्ट भीलवाड़ा, मां बाणेश्वरी संस्थान प्रतापगढ़ के पदाधिकारियों सहित सम्पूर्ण भारतवर्ष में कार्य कर रहे क्षत्रिय संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। जिसमे से 400 से अधिक प्रतिभागी मेवाड़ के बाहर से देश विदेश से भाग लेने कि संभावना है व 800 के लगभग मेवाड़ क्षेत्र से प्रतिभागियों व श्रोताओं के भाग लेने की संभावना है।

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