उदयपुर, 27 अक्टूबर। राज्य सरकार पशुपालन के प्रति सजग, सतर्क है एवं उनके उत्थान के लिए कटिबद्ध है। यही कारण हैं कि राज्य सरकार द्वारा पशुपालक...
उदयपुर, 27 अक्टूबर। राज्य सरकार पशुपालन के प्रति सजग, सतर्क है एवं उनके उत्थान के लिए कटिबद्ध है। यही कारण हैं कि राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों के हितार्थ विभिन्न प्रकार के कार्य कियान्वित किये जा रहे है। वर्तमान में टोल फ्री नम्बर 1962 के माध्यम से उन दूर दराज क्षेत्र के पशुपालकों के पशुओं के उचित उपचार, टीकाकरण, डीवर्मिंग जैसे सामान्य कार्यों से भी वचित रहते थे, अब उन्हें इनका पूरा लाभ प्राप्त हो रहा है।
यह संबोधन राज्य सरकार के पशुपालन विभाग के मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने अपने उदयपुर प्रवास के दौरान पशुपालन परिसर भ्रमण के समय कहे। पशुपालन मंत्री कुमावत ने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह निर्देश भी दिये कि वे सोर्टेड सीमन के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र के पशुपालकों के पशुओ में कृत्रिम गर्भाधान का कार्य कर उन्हे पूर्ण रूप से लाभान्वित करे। पशुपालन परिसर में उपचार के लिए लाये पशुओं के पशुमालिकों से विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। अतिरिक्त निदेशक डॉ. शरद अरोड़ा, उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी, डॉ. लज्जाराम मीणा, डॉ. सुरेश जैन, डॉ. ओम प्रकाश साहू डॉ. पदना मील, डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. बंसल आदि ने पशुपालन परिसर में पशुपालन विभाग द्वारा कियान्वित किये जा रहे कार्यक्रम योजनाओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने संस्थान द्वारा प्रकाशित की जा रही प्रचार-प्रसार सामग्री का अवलोकन कराया। उन्होंने विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।
पशुपालन मंत्री ने किया पशुपालन परिसर में वृक्षारोपण
राज्य सरकार के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने वृक्षारोपण कर यह संदेश दिया कि हम सभी विभागों के सहयोग से ही हम पर्यावरण संरक्षण, संवर्द्धन एवं विकास के लिए कार्य कर सकते है। मंत्री ने इस बात की प्रशंसा जाहिर की कि इस बार पशुपालन विभाग ने भी समग्र राजस्थान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं राजस्थान को हरा भरा एवं प्रदूषण मुक्त बनाने में सहयोग प्रदान किया। वृक्षारोपण के अवसर पर विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. शरद अरोड़ा, प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी सहित कई अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
.jpeg)

No comments