पशुपालन विभाग द्वारा कृत्रिम गर्भाधान कार्यकम में बोले विधायक उदयपुर, 18 अक्टूबर। पशुपालक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजन...
पशुपालन विभाग द्वारा कृत्रिम गर्भाधान कार्यकम में बोले विधायक
उदयपुर, 18 अक्टूबर। पशुपालक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनांतर्गत राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड, जयपुर के आर्थिक सहयोग से निर्मित कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम में सफलता अर्जित करने के लिए निर्मित चेक लिस्ट का विमोचन उदयपुर शहर विधायक ताराचन्द जैन ने किया।
जैन ने इस अवसर पर कहा कि पशुपालन विभाग की प्रजनन नीति के अनुरूप मेवाड़ क्षेत्र के गौवंश एवं भैंस वंश के पशुओं में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम को सफलता पूर्वक क्रियान्वयन करना नितान्त आवश्यक है। विभाग द्वारा पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम में मेवाड़ क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। पशुपालक आर्थिक रूप से तभी लाभान्वित होगा जब कृत्रिम गर्भाधान कार्य सफलता पूर्वक किया जायेगा। विधायक जैन ने इस अवसर पर कहा कि संस्थान द्वारा निर्मित चेक लिस्ट के आधार पर कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता की कार्य कौशलता में वृद्धि होगी एवं कार्य करने में आसानी होगी। पशुओं के ग्याभन होने की दर में भी वृद्धि होगी। इस अवसर पर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. शरद अरोड़ा ने बताया कि उदयपुर संभाग की प्रत्येक संस्था तक इन पोस्टरों को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा। जिससे कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता द्वारा किये जाने वाले कार्य में गलती होने की संभावना कम होगी। संस्थान के उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने इस अवसर पर कहा कि संस्थान में उदयपुर एवं कोटा संभाग के कार्यरत पशुधन सहायकों के लिए आयोजित किये जा रहे कृत्रिम गर्भाधान प्रत्यास्मरण प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे पशुधन सहायकों की कार्यशैली एवं मांग के अनुसार इस चेक लिस्ट का निर्माण किया गया है। जिसके अनुसार कार्य करने पर कृत्रिम गर्भाधान कार्य में शत प्रतिशत सफलता अर्जित होगी। डॉ. छंगाणी ने आज इस प्रशिक्षण के समापन के अवसर पर समस्त प्रशिक्षणार्थियों से अपेक्षा कि की वे अपने कार्य क्षेत्र में इस कार्य को गंभीरता से कर नस्ल सुधार कार्यक्रम को सफल बनायेंगे। इस अवसर पर उपस्थित डॉ. पदमा मील ने बताया कि इन चेक लिस्ट पोस्टरों को शीघ्र ही संस्थाओं तक पहुंचाने का कार्य किया जायेगा। डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि पशुधन सहायकों को चेक लिस्ट के अतिरिक्त अन्य तकनिकी पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। इन्हें कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव में प्रायोगिक प्रशिक्षण देकर इनकी कार्य कौशलता में वृद्धि करने का प्रयास किया गया है।

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