उदयपुर। भारत के अग्रणी डिजिटल सेवा वितरण और ग्रामीण सशक्तिकरण प्लेटफार्मो मे ंसे एक कनोरिया फाउंडेशन की पहल सहज रिटेल लिमिटेड ने राजस्थान सर...
उदयपुर। भारत के अग्रणी डिजिटल सेवा वितरण और ग्रामीण सशक्तिकरण प्लेटफार्मो मे ंसे एक कनोरिया फाउंडेशन की पहल सहज रिटेल लिमिटेड ने राजस्थान सरकार की प्रमुख ई-नागरिक सेवा पहल, राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड (त्प्ैस्) के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य भर में आवश्यक सरकारी सेवाओं और सहज की बीटूसी सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करना है। इस ऐतिहासिक साझेदारी के माध्यम से, सहज अब वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ई-गवर्नेंस और ग्रामीण डिजिटल बाजार प्लेटफार्मों में से एक बन जाएगा।
इस सहयोग के माध्यम से, सहज की बीटूसी सेवाओं को मौजूदा 73,000 ई-मित्र केंद्रों के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिक अपने घरों के करीब ही सरकार से नागरिक जी टू सी और व्यवसाय से नागरिक बी टू सी सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इस साझेदारी के तहत, सहज जयपुर और अजमेर डिवीजनों में भी ई-मित्र केंद्रों को अपने साथ जोड़ेगा, जिसमें 13 जिले शामिल हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य सेवा उपलब्धता बढ़ाकर, प्रतीक्षा समय कम करके और नागरिकों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाकर राजस्थान के डिजिटल शासन ढांचे को और मजबूत करना है। ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं में बिजली बिल भुगतान, प्रमाणपत्र, लाइसेंस, सामाजिक कल्याण योजनाओं तक पहुंच और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं शामिल हैं।इस साझेदारी के बारंे में जानकारी देते हुए सहज रिटेल लिमिटेड के सीईओ बिस्वजीत चटर्जी ने कहा कि ई-मित्र के साथ यह साझेदारी समावेशी डिजिटल अवसंरचना के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाने के प्रति सहज की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आरआईएसएल की मजबूत अंतिम-मील उपस्थिति का लाभ उठाकर, हमारा लक्ष्य राजस्थान भर के नागरिकों के लिए आवश्यक बी2सी सेवाओं को अधिक सुलभ, कुशल और पारदर्शी बनाना है।
इस एकीकरण से स्थानीय उद्यमियों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है, जिससे वे अपने समुदायों में विश्वसनीय डिजिटल सेवाएं प्रदान कर सकेंगे, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और जमीनी स्तर पर डिजिटल साक्षरता में वृद्धि होगी। यह पहल प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और सार्वजनिक-निजी सहयोग के संगम के माध्यम से डिजिटल विभाजन को पाटने के सहज के मिशन में एक और मील का पत्थर है।
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